15वें वित्त की राशि से करवाये जा रहे मनरेगा के कार्य,जनपद पंचायतों मे मची है होड़
सीधी:- मनरेगा के कार्य मनरेगा की राशि से करने का स्पष्ट निर्देश शासन द्वारा दिये जाने के बावजूद 15वां वित्त की राशि धड़ाधड़ खर्च की जा रही है। पंचायतों मे निर्माण कार्य का भुगतान भी 15वें वित्त की राशि से किये जाने को लेकर जनपद पंचायतो के सीईओ सवालों के घेरे में आ रहे हैं।
जनपद पंचायतो के जानकारों ने बताया कि इन दिनों जनपद पंचायतो के सीईओ संलिप्त होकर खुली छूट दे रखे हैं, जिससे सरपंच निर्भीकता से पैसों की बंदरबांट कर रहे हैं। वह सीधे सीईओ से मिलकर पैसे उनसे आशीर्वाद लेने में कामयाब हो जा रहे हैं। गत दिनों जनसुनवाई मे ग्राम पंचायतों में 15वें की वित्त की राशि के दुरूपयोग की शिकायत जिला पंचायत सीईओ से होने की बात बताई जा रही है।
लेकिन सरपंच आकर जनपद पंचायतो के सीईओ का आशीर्वाद लेने में कामयाब होते जा रहे है। जबकि जनपद पंचायतों के सीईओ कार्रवाई करना तो दूर नोटिस देना तक जरूरी नहीं समझ रहे हैं, जिसके कारण सरपंच सचिव फील्ड के कर्मचारियों को कुछ समझते ही नहीं हैं। वह कहते हैं कि सीईओ साहब से जाकर मिल आए हैं, तो आपको भुगतान करने में क्या दिक्कत हो रही है।
डीएससी रोकने में बरती जा रही उदासीनता
बीबी जी राम जी योजना शुरू होने के बाद 15वें वित्त की राशि को लगातार खर्च किया जा रहा है। ऐसे अवसरों पर हर सीईओ डीएससी रोक देते थे,ताकि सरपंच/सचिव नियम विरूद्ध भुगतान न कर सकें। लेकिन इन दिनों स्थिति उसके विपरीत ही चल रही है।दरअसल में वह पहले ही सरपंच-सचिवों के साथ मिलीभगत कर चुके होते हैं। अब वह हम लोगों की क्यों बात सुनेंगे।

