“46 साल पुरानी जमीन पर कब्जे का आरोप, चुरहट के पूर्व SDM पर रिश्वत लेकर नामांतरण कराने का आरोप, पीड़ित ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार”
एमपी के सीधी जिले के चुरहट तहसील अंतर्गत ग्राम लकोड़ा में जमीन के नामांतरण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव के निवासी दुर्वासा पटेल ने पूर्व एसडीएम चुरहट शैलेश द्विवेदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनकी 46 साल पुरानी जमीन को कथित रूप से पैसे लेकर किसी अन्य व्यक्ति के नाम ट्रांसफर कर दिया गया, जबकि वर्षों से उस जमीन पर उनके परिवार का पट्टा बना हुआ था।
वही पीड़ित दुर्वासा पटेल ने बताया कि यह जमीन उनके पिता के नाम से वर्ष 1979 में खरीदी गई थी। तब से लेकर वर्ष 2026 तक लगातार उस जमीन पर उनके परिवार का नाम दर्ज था और वे उसी जमीन पर खेती करते आ रहे थे। इस जमीन का खसरा नंबर 121 बताया जा रहा है। उनका आरोप है कि करीब एक महीने पहले अचानक तत्कालीन एसडीएम चुरहट शैलेश द्विवेदी ने इस जमीन को आरती सिंह के नाम ट्रांसफर कर दिया।
इस मामले मे दुर्वासा पटेल का कहना है कि बिना किसी उचित प्रक्रिया और सूचना के यह नामांतरण कर दिया गया, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में पैसों का लेनदेन हुआ है और इसी के चलते उनकी जमीन किसी और के नाम कर दी गई। नामांतरण की प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही समय बाद एसडीएम शैलेश द्विवेदी का ट्रांसफर भी हो गया।
वही इस मामले को लेकर पीड़ित ने जिला कलेक्टर से शिकायत करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। अब साथ ही शुक्रवार को उन्होंने वर्तमान एसडीएम प्रियल सिंह को आवेदन देकर जमीन के रिकॉर्ड की नकल (दस्तावेज) उपलब्ध कराने की मांग की है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
अब इस मामले में पूर्व एसडीएम शैलेश द्विवेदी ने कहा कि उनका ट्रांसफर हो चुका है और उन्हें फिलहाल इस मामले की पूरी जानकारी याद नहीं है। उन्होंने कहा कि संबंधित फाइल देखने के बाद ही वह इस बारे में कुछ स्पष्ट बता पाएंगे।
वही दूसरी ओर वर्तमान एसडीएम प्रियल सिंह का कहना है कि यह घटना उनके कार्यकाल की नहीं है। उन्होंने अभी करीब 15 दिन पहले ही पदभार ग्रहण किया है। उनके अनुसार अभी तक यह मामला उनके सामने नहीं आया है, लेकिन यदि शिकायत प्राप्त होती है तो पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।

