5 हजार की रिश्वत लेते बीआरसी रंगे हाथ गिरफ्तार, लोकायुक्त इंदौर की बड़ी कार्रवाई
बड़वानी। मध्यप्रदेश के बड़वानी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है, जहां 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई लोकायुक्त इंदौर की टीम द्वारा 18 मार्च 2026 को ट्रैप लगाकर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आवेदक श्री जितेंद्र सोनी, जो प्राथमिक शिक्षक एवं प्रभारी प्रधानाध्यापक के पद पर शासकीय प्राथमिक विद्यालय खत्री फलिया-पिपलधार, तहसील निवाली में पदस्थ हैं, ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके स्कूल में बालिका शौचालय की मरम्मत के लिए 20 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी, लेकिन तकनीकी कारणों से राशि आहरित नहीं हो सकी। इसके बावजूद उन्होंने अपने निजी खर्च से कार्य पूर्ण करा लिया।
जब कार्य पूर्णता प्रमाण-पत्र जमा करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तब जनपद शिक्षा केंद्र से जुड़े अधिकारियों द्वारा उनसे रिश्वत की मांग की गई। आरोप है कि सब इंजीनियर अश्विन डागर और बीआरसी महेंद्र सिंह राठौर ने मिलकर 5 हजार रुपये की मांग की। शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाया।
योजना के तहत आरोपी महेंद्र सिंह राठौर ने आवेदक को बड़वानी रोड, राजपुर स्थित एसबीआई बैंक के एटीएम के पास बुलाया, जहां उसने रिश्वत की राशि लेते ही लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया। इस कार्रवाई के दौरान टीम पहले से ही आसपास तैनात थी।
घटना के बाद आरोपी को राजपुर रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 एवं भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इस ट्रैप कार्रवाई में उप पुलिस अधीक्षक सुनील तालान के नेतृत्व में लोकायुक्त इंदौर की टीम शामिल रही। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश गया है।

