50 किलोमीटर घिसटकर पहुंचा न्याय की दहलीज पर,दिव्यांग संदीप की ट्राई साइकिल की गुहार
एमपी के सीधी जिले के ग्राम दूधमनिया से एक मार्मिक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां जन्म से दिव्यांग संदीप कुमार साहू अपनी पीड़ा लेकर 50 किलोमीटर का सफर तय कर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। संदीप हाथों के सहारे चलने को मजबूर हैं, और इसी हालत में बस के माध्यम से लंबी दूरी तय कर उन्होंने शुक्रवार को कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई।
वही संदीप ने बताया कि वह बचपन से ही विकलांग हैं और उनके पास चलने-फिरने के लिए ट्राई साइकिल जैसी मूलभूत सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कई बार इसके लिए प्रयास किए, लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी। संदीप का आरोप है कि उन्होंने एसडीएम प्रिया पाठक को पांच बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक उन्हें ट्राई साइकिल उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे उनकी परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
अब सबसे चिंताजनक बात यह है कि संदीप को अपने ही परिवार से भी कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि न तो उनके भाई मदद करते हैं और न ही माता-पिता उनका साथ देते हैं, जिससे उनका जीवन और भी कठिन हो गया है। ऐसे में अकेले ही संघर्ष करते हुए वह प्रशासन के दरवाजे तक पहुंचे हैं।
वही जब इस संबंध में एसडीएम प्रिया पाठक से बात करने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कोई भी प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। वहीं, इस पूरे मामले पर सीधी कलेक्टर स्वरोचिस सोमवंशी ने आश्वासन देते हुए कहा कि हर जरूरतमंद व्यक्ति को शासन की योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि संदीप पात्र हैं और उन्होंने आवेदन किया है, तो उसकी जांच कर जल्द ही उन्हें उनकी आवश्यकता अनुसार ट्राई साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।
वही यह मामला प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता है और यह भी दर्शाता है कि योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर तक पहुंचाने में अभी भी कई खामियां मौजूद हैं।

