8 साल की बच्ची बोली- “पुलिस मारती है”, SP संतोष कोरी ने प्यार से बदली सोच; जन चौपाल में दिया भरोसे और जागरूकता का संदेश
सीधी। जिले के सेमरिया थाना अंतर्गत ग्राम मंकीसर में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे उपस्थित रहे। इस दौरान एक 8 वर्षीय बच्ची के साथ हुई बातचीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
SP संतोष कोरी ने बच्ची से पूछा, “बेटा बताओ, पुलिस क्या करती है?” इस पर मासूम बच्ची ने सहजता से जवाब दिया, “पुलिस मारती है।” बच्ची का जवाब सुनकर मौजूद लोग कुछ पल के लिए चौंक गए, लेकिन SP ने बेहद संवेदनशीलता और स्नेह के साथ उसकी धारणा बदलने का प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि “पुलिस मारती नहीं है, बल्कि दिन-रात आपकी सुरक्षा के लिए काम करती है। हम भी आपके बीच से ही आते हैं और हमारी पहली जिम्मेदारी समाज की रक्षा करना है। पुलिस हर कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर करती है और हमेशा लोगों की मदद के लिए तत्पर रहती है।”
जन चौपाल के दौरान SP ने सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए सभी से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल नियम का पालन नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा की गारंटी भी है।
नशा उन्मूलन पर उन्होंने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रहा है। “नशा मुक्त सीधी” बनाने के लिए पुलिस के साथ समाज के हर वर्ग को आगे आने की जरूरत है। इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
साइबर अपराधों को लेकर जागरूक करते हुए SP ने कहा कि मोबाइल का उपयोग सावधानी से करें। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल की लत से बचाने और इंटरनेट का जिम्मेदारी से उपयोग करने की अपील की।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर उन्होंने पुलिस की प्रतिबद्धता दोहराते हुए आपातकालीन सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति में 112, साइबर अपराध की शिकायत के लिए 1930 तथा बच्चों से संबंधित सहायता के लिए 1098 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है।
कार्यक्रम के समापन पर ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के जन्मदिन के अवसर पर केक काटकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पूर्व जनपद उपाध्यक्ष प्रभात वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्राम मंकीसर की यह जन चौपाल पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने तथा सामाजिक जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई।

