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Gold jwelery:शादी-ब्याह की रौनक बढ़ाने वाले सोने के जेवरात नथ से लेकर हार तक, देखें दाम और डिजाइन

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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Gold jwelery: शादी-ब्याह की रौनक बढ़ाने वाले सोने के जेवरात – नथ से लेकर हार तक, देखें दाम और डिजाइन!

Gold jwelery   शादी-ब्याह का मौसम आते ही बाजारों में सोने-चाँदी के गहनों की रौनक बढ़ जाती है। दुल्हन का श्रृंगार गहनों के बिना अधूरा माना जाता है। हर कोई चाहता है कि विवाह के इस खास मौके पर उसकी दुल्हन सबसे अलग और आकर्षक नजर आए। इसी कड़ी में बाजार में उपलब्ध कुछ खास गहनों के दाम और डिजाइन लोगों का ध्यान खींच रहे हैं।

सबसे पहले बात करते हैं हार की, जो दुल्हन के श्रृंगार का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। इस शानदार और आकर्षक हार की कीमत ₹1,85,200 है। बारीक नक़्क़ाशी और पारंपरिक डिजाइन इसे बेहद खास बनाते हैं।

इसके बाद पड़ा मंगलसूत्र जिसकी कीमत ₹1,70,500 रखी गई है। भारतीय संस्कृति में मंगलसूत्र का विशेष महत्व होता है और यह दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। इस डिजाइन में परंपरा और आधुनिकता का खूबसूरत संगम देखने को मिलता है।

Gold jwelery : दुल्हन के माथे की शोभा बढ़ाने वाला मांग टीका भी बेहद आकर्षक है, जिसकी कीमत ₹40,800 है। इसकी नाजुक डिजाइन चेहरे की खूबसूरती को और निखार देती है।

इसी तरह इयररिंग्स यानी कानों के झुमके ₹40,800 में उपलब्ध हैं, जो हार के साथ मेल खाते हुए पूरे लुक को ग्रेसफुल बना देते हैं।

नथ की बात करें तो इसकी कीमत ₹29,800 है। पारंपरिक शादी में नथ को दुल्हन की शान माना जाता है और यह लुक को पूरा करता है। वहीं पायल ₹17,300 में मिल रही है, जो पाँवों की रौनक बढ़ाने का काम करती है।

इन सभी जेवरातों का कुल मिलाकर मकसद यही है कि दुल्हन अपने सबसे बड़े दिन पर रानी की तरह सज-धज कर दिखे। कीमत भले ही ऊँची हो, लेकिन शादी-ब्याह जैसे मौके पर गहनों में निवेश भारतीय परिवारों के लिए हमेशा प्राथमिकता में रहा है।

आजकल बदलते दौर में डिजाइनों में भले ही आधुनिकता आ रही हो, लेकिन पारंपरिक अंदाज का आकर्षण आज भी कायम है। यही वजह है कि ये जेवरात न सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट हैं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा की पहचान भी बने हुए हैं।

तो अगर आप भी शादी की तैयारी कर रहे हैं, तो इन गहनों की खूबसूरत रेंज पर एक नज़र डालना न भूलें, क्योंकि दुल्हन की असली पहचान उसके श्रृंगार और गहनों से ही होती है।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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