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Sidhi news:तीन साल से ताले में बंद सामुदायिक शौचालय, ग्रामीणों को नहीं मिला हक, मजदूरी भुगतान भी लंबित

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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Sidhi news:तीन साल से ताले में बंद सामुदायिक शौचालय, ग्रामीणों को नहीं मिला हक, मजदूरी भुगतान भी लंबित, जनपद कार्यालय पहुंची शिकायत

Sidhi news:जिले के सीधी जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटदर के ग्राम झूमर में तीन वर्ष पूर्व बनकर तैयार हुआ सामुदायिक शौचालय आज तक ग्रामीणों के उपयोग के लिए शुरू नहीं हो सका है। 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत 3 लाख 44 हजार रुपये की लागत से बने इस सामुदायिक शौचालय को अब तक ग्राम पंचायत को हैंडओवर नहीं किया गया, जिससे ग्रामीणों को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।

शनिवार को इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम झूमर के ग्रामीण जनपद पंचायत कार्यालय सीधी पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। ग्रामीण जयलाल कोल ने बताया कि शौचालय निर्माण से पहले उनके आसपास कोई सामुदायिक शौचालय नहीं था। इसके बनने से गांव को बड़ी सुविधा मिल सकती थी, लेकिन तीन साल बीत जाने के बाद भी यह बंद पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शौचालय निर्माण के दौरान उन्होंने 38 दिनों तक मजदूरी भी की थी, जिसका भुगतान आज तक नहीं हुआ। इस संबंध में पहले भी पंचायत स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

Sidhi news: एक अन्य ग्रामीण रामलाल ने बताया कि इस स्थान पर सामुदायिक शौचालय इसलिए बनवाया गया था ताकि यहां बोर और हैंडपंप भी स्थापित हो सके और गांव को पेयजल सुविधा मिल सके। शौचालय तो बन गया, लेकिन न तो वह शुरू हुआ और न ही बोर व हैंडपंप की व्यवस्था की गई। मजबूरी में ग्रामीणों को शौच और पानी के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। खासकर जब गांव में बारात या कोई बड़ा सामाजिक कार्यक्रम होता है, तब स्थिति और भी गंभीर हो जाती है।

मामले को लेकर जनपद पंचायत सीधी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदूलाल पनिका ने बताया कि शौचालय की राशि स्वीकृत थी और निर्माण कार्य भी पूर्ण हो चुका है। इसके बावजूद यह शुरू क्यों नहीं हुआ, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और जो भी तकनीकी या प्रशासनिक अड़चन है, उसे दूर कर जल्द ही सामुदायिक शौचालय को ग्रामीणों के लिए खोल दिया जाएगा।

तीन साल से बंद पड़े सामुदायिक शौचालय और लंबित मजदूरी भुगतान ने प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि जनपद पंचायत की जांच के बाद ग्रामीणों को उनका हक कब तक मिल पाता है।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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