Sidhi news:घर नहीं रहा सुरक्षित, डोल दरीमा में जंगली सूअर का आतंक, आदिवासी परिवार की आजीविका उजड़ी, सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
Sidhi news:सीधी जिले के ग्राम डोल दरीमा में जो हुआ, वह सिर्फ एक जंगली सूअर की घुसपैठ की घटना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण इलाकों में वन्यजीव और मानव संघर्ष की भयावह तस्वीर है। जंगल से सटे गांवों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए अब उनका घर भी सुरक्षित नहीं रह गया है।
ग्राम डोल दरीमा निवासी बृहस्पति यादव के घर में अचानक जंगली सूअर घुस आया और देखते ही देखते पूरे घर को तबाही का मंजर बना दिया। घर में रखे बर्तन चकनाचूर हो गए, महीनों का संजोया गया अनाज सूअर खा गया, पेटी-बक्से तोड़ दिए गए और कपड़े तक फाड़ दिए गए। इस हमले में दो बकरी के बच्चों के पैर टूट गए, जो परिवार की आजीविका का अहम सहारा थे।
Sidhi news:सबसे चिंताजनक पहलू यह रहा कि घर के आंगन में मौजूद 11 वर्षीय राधिका यादव पर जंगली सूअर ने पीछे से ठोंकर मार दी, जिससे वह घायल हो गई। एक मासूम बच्ची पर इस तरह का हमला ग्रामीणों को झकझोर देने वाला है और वन विभाग की तैयारियों पर सवाल खड़े करता है।
पीड़िता की दादी रामरति यादव ने रोते हुए बताया कि घर में रखा तेल, साबुन, निरमा और अनाज सब नष्ट हो गया। “हम गरीब लोग हैं, यही सब हमारा सहारा था, अब हमारे पास कुछ भी नहीं बचा,” उन्होंने कहा। इस घटना ने एक पल में पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक संकट में डाल दिया।
हालांकि वन विभाग की टीम ने घंटों मशक्कत के बाद जंगली सूअर का रेस्क्यू किया। वन रक्षक पंकज मिश्रा और उनकी टीम ने दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक अभियान चलाया। कच्चे छप्पर को ऊपर से तोड़कर अंदर घुसना पड़ा, तब जाकर सूअर को बाहर निकाला जा सका। वन रक्षक सतेंद्र सिंह ने मानवीय पहल दिखाते हुए अपने निजी खर्च से 1000 रुपए की मदद रामरति यादव को दी, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह मदद पर्याप्त है?

