Sidhi news:आउटसोर्स कर्मचारियों के हड़ताल से एसआईआर कार्य ठप्प
Sidhi news:सीधी जिले के निर्वाचन कार्य में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया है, इनके अचानक दो दिवसीय हड़ताल पर चले जाने से निर्वाचन संबंधी सभी कार्य ठप्प हो गए हैं। इन दिनों देश भर में एसआईआर का कार्य चल रहा है, ऐसे में इनके हड़ताल पर चले जाने से एसआईआर जैसा अतिआवश्यक प्रभावित हो रहा है।
Sidhi news:उल्लेखनीय है कि जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से लेकर विभिन्न स्थानों पर निर्वाचन कार्य के लिए बतौर आउटसोर्स कर्मचारी अपनी सेवाएं विगत 10 वर्षों से दे रहे कर्मचारियों ने हड़ताल कर प्रशासन को संकट में ला दिया है। इनके हड़ताल पर चले जाने से पहले ही दिन निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य ठप्प हो गए हैं।
Sidhi news:आउटसोर्स कर्मचारियों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी मध्यप्रदेश के साथ साथ जिला निर्वाचन अधिकारी एवं सहायक निर्वाचन अधिकारी के नाम सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया है कि वर्ष 2016-17 से हम आउटसोर्स कर्मचारी कार्यरत होकर पूर्ण मेहनत एवं लगन से कार्य कर रहे है, वर्तमान में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 (एसआईआर) में हम सभी दिन-रात कार्य कर रहे हैं एवं 27 अक्टूबर 2025 के बाद से लगातार शनिवार एवं रविवार को भी कार्य कर रहे है। हम सभी बहुत ज्यादा मानसिक रूप से प्रताडित हैं। निर्वाचन आयोग द्वारा दिन-रात काम लिया जा रहा है और 11 माह का एरियर भी रुका हुआ है। परंतु आज दिनांक तक शासन / मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी भोपाल स्तर से इस सबंध में किसी प्रकार की कोई भी कार्यवाही नही की गई। इस सबंध में अपनी मांगों को लेकर हम सभी साथी 20 एवं 21 जनवरी को दो दिवसीय जिले / विधानसभा स्तर पर पदस्थ निर्वाचन के समस्त आउटसोर्स कर्मचारियों द्वारा सामूहिक हड़ताल किया जा रहा है। इस दौरान प्रमुख रूप से संदीप गुप्ता सहायक प्रोग्रामर,संजय विश्वकर्मा सहायक प्रोग्रामर, चंद्रप्रकाश द्विवेदी सहायक प्रोग्रामर, सुचित तिवारी सहायक प्रोग्रामर, दीपक पाण्डेय सहायक प्रोग्रामर, रामप्रकाश रावत,राजीव प्रजापति, हितेश सिंह चौहान,रामायण कुशवाहा, मोहन लाल कुशवाहा, रामू प्रजापति, सुशील मणि सिंह, मणिराज सिंह, संजय पाण्डेय, कौशल प्रजापति,ज्योति प्रजापति, संजय साकेत, सनत यादव, श्याम बिहारी साहू,दिलीप कुशवाहा शामिल हैं।
यह हैं इनकी प्रमुख मांगें
Sidhi news:निर्वाचन कार्य में लगे आउटसोर्स कर्मचारियों ने सौंपे गए ज्ञापन पत्र में प्रमुख रूप से चार मांगों को पूरा करने के लिए हड़ताल का आहवान किया है, जिसमें प्रमुख रूप से उनकी मांग है कि हमारे
मानदेय का भुगतान सीधे विभाग द्वारा किया जाए फर्म को हटाकर, हाई कोर्ट के निर्देशानुसार 11 माह का एरियर भुगतान किया जाए,
प्रति माह सैलरी का भुगतान समय पर किया जाए तथा
शैक्षणिक योग्यता, कार्य अनुभव और वरिष्ठता के आधार पर संविदा/नियमितीकरण का लाभ दिलाया जाय। उक्त आउटसोर्स कर्मचारियों ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि अगर समय पर हमारी इन मांगों का निराकरण नहीं किया जाता है तो पुनः हड़ताल का आहवान किया जाएगा।
