Sidhi news:भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा ने सिहावल विधानसभा 78 का श्री दद्दीलाल साहू को दूसरी बार प्रभारी बनाया…
Sidhi news:भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा के जिला अध्यक्ष विष्णुदेव साहू के द्वारा सीधी जिले के विधानसभा सिहावल का प्रभार पुनः श्री दद्दीलाल साहू को दिया गया साथ ही समाज की समस्याओं को लगातार आगे लेकर आ रहे श्री दद्दीलाल साहू ने हमेशा समाज के प्रति अपनी अच्छी भावना और निष्पक्ष भाव से समाज की सेवा की है जिसके चलते उन्हें दोबारा प्रभारी बनाया गया है।
संगठन का किसी राजनीतिक दल से नहीं है सरोकार
Sidhi news:भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा किसी राजनीतिक दल के लिए काम नहीं करती है बल्कि समाज के लिए कार्य करती है जिले के चारों विधानसभा में प्रभारी बनाए गए हैं साथ ही समाज के द्वारा लगातार अपने समाज के हित के लिए कार्य करती है।
राजनीतिक दलों की नजर है संगठन पर
वही देखा जा रहा है कि संगठन की मजबूती को देखते हुए अब राजनीतिक दलों के द्वारा संगठन पर नजर बनी हुई है कि हमें संगठन को अपनी और आकर्षित करना है क्योंकि एक बहुत बड़ा बहुत बैंकिंग है यह समाज जी और जाएगा उसे और जीत सुनिश्चित हो जाएगी फिलहाल संगठन के द्वारा अभी किसी राजनीतिक दल का सपोर्ट तो नहीं किया गया है परंतु आने वाले समय पर संगठन अगर किसी राजनीतिक दल का सपोर्ट करती है तो वह राजनीतिक दल बड़े ही मजबूती के साथ मैदान में खड़ा होगा अब देखना दिलचस्प होगा कि संगठन क्या राजनीतिक दल को समर्थन करता है।
आईए जानते हैं संगठन के बारे में…
संगठन का नाम
भारतीय तेलिक साहू राठौर महासभा – मध्यप्रदेश
यह संगठन मुख्यतः तेलिक / साहू / राठौर समाज का एक सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है, जो मध्यप्रदेश स्तर पर कार्य करता है।
इसका पंजीकरण क्रमांक भी लेटरहेड पर दिया हुआ है, जिससे यह एक पंजीकृत सामाजिक संस्था प्रतीत होती है।
संगठन बनाने का उद्देश्य क्या है?
इस तरह के समाजिक महासभा संगठनों के उद्देश्य आमतौर पर निम्न होते हैं (और पत्र की भाषा से यही संकेत मिलता है)
1. समाज को संगठित करना
तेलिक / साहू / राठौर समाज को एक मंच पर लाना
समाज के लोगों में आपसी एकता और सहयोग बढ़ाना
2. सामाजिक विकास
समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए काम करना
समाज के कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने में सहयोग
3. प्रतिनिधित्व और नेतृत्व तैयार करना
समाज के भीतर से स्थानीय नेता और प्रतिनिधि तैयार करना
विधानसभा, पंचायत, नगर निकाय जैसे क्षेत्रों में समाज की आवाज़ मजबूत करना
4. सम्मान व पहचान
समाज के प्रतिभाशाली व सक्रिय लोगों को पद और जिम्मेदारी देकर सम्मानित करना
समाज में सकारात्मक सोच और नेतृत्व भावना पैदा करना
5. सांस्कृतिक संरक्षण
समाज की परंपराएँ, इतिहास और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखना
सामाजिक कार्यक्रम, सम्मेलन, बैठकें आदि आयोजित करना..
