चंदा वसूली मामला एसडीओ को पड़ सकता है महंगा

*चंदा वसूली मामला एसडीओ को पड़ सकता है महंगा*

*जिला पंचायत सीईओ ने किया नोटिस जारी*

*उपयंत्री एवं एसडीओ का चैट हुआ था वायरल*

*मझौली*

जनपद पंचायत मझौली में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग में पदस्थ अनुविभागीय अधिकारी सरिता सिंह का चंदा वसूली मामले का चैट महंगा पड़ता नजर आ रहा है।जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीधी के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है जिसमें चंदा वसूली का वायरल चैट के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है समयावधि एवं संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उनके विरुद्ध कार्यवाही की चेतावनी भी दी गई है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कार्यालय जिला पंचायत सीधी के पत्र क्रमांक 5669 दिनांक 14 जुलाई 2026 के द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि आपके द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत चमराडोल एवं परसिली को छोड़कर शेष सभी ग्राम रोजगार सहायक/सचिव ग्राम पंचायतों से 3000/–रु जनपद पंचायत में जमा किए जाने हेतु मैसेज किया गया था जो पदीय दायित्व के विपरीत होने से दंडनीय है।

उन्हें दिनांक 17 जुलाई 2026 को अधोहस्ताक्षरी के समक्ष उपस्थित होकर जबाव प्रस्तुत करने को कहा गया है जिसमें स्पष्ट करने को कहा गया है कि उनके द्वारा किस प्रयोजन से उक्त राशि की मांग की गई थी।

*9 जुलाई को वायरल हुआ था चैट*

ज्ञात हो कि 9 जुलाई 2026 को उपयंत्री एवं एसडीओ का चैट वायरल हुआ था जिसको लेकर कई समाचार पत्रों के द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित की गई थी जिसे गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ के द्वारा नोटिस जारी की गई है।

*राज्यपाल के कार्यक्रम को लेकर बकाया बिल पर भी बड़ा सवाल*

वायरल चैट के संबंध में जब मीडिया द्वारा एसडीओ सरिता सिंह से जवाब चाहा गया तो उन्होंने वायरल चैट को स्वीकार करते हुए कहा कि व्यवस्था के लिए पैसा चाहिए जिसे हम अपने वेतन से तो नहीं दे सकते हैं क्योंकि हमारा भी परिवार है। इसी तरह व्यवस्था की जाती है।इससे आगे बढ़कर उन्होंने कहा कि यहां राज्यपाल का कार्यक्रम था तब उनके द्वारा 178000 रु खर्च किए गए थे जिसका भुगतान अभी तक नहीं किया गया है जबकि तत्कालीन उपखंड अधिकारी के द्वारा साफ तौर पर कहा गया था कि राज्यपाल के व्यवस्था की जिम्मेदारी स्वयं उपखंड अधिकारी की होती है और मेरे द्वारा व्यवस्था की गई थी। एसडीओ मैडम ने किसके आदेश पर और कहां खर्च किया है यह तो हमें आज तक नहीं बताया।ऐसे उनके इस बयान पर भी संज्ञान लिया जाना चाहिए क्यों कि यह बयान भी राज्यपाल के कार्यक्रम एवं शाख से जुड़ा है।

*कई मामलों में हो चुकी है नोटिस जारी*

सूत्रों के मुताबिक एस डी ओ सरिता सिंह के लापरवाही या चंदा वसूली के संबंध में यह पहली नोटिस नहीं है इसके पहले भी उनके कारनामों को लेकर कई नोटिस जारी हो चुकी हैं जिनके मामले लंबित हैं।

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