मांस खाने के लिए किया जंगली सुअर का शिकार, दो आरोपी गिरफ्तार

उमरिया जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में वन्यजीव शिकार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम को बड़ी सफलता मिली है। पतौर परिक्षेत्र के बीट पतौर बी में मानसूनी पैदल गश्ती के दौरान वन अमले ने दो व्यक्तियों को जंगली सुअर के शिकार के मामले में पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से करीब तीन माह उम्र के एक मृत जंगली सुअर का शव और दो कुल्हाड़ियां बरामद की गई हैं। पूछताछ में आरोपियों ने जंगली सुअर का शिकार मांस खाने के उद्देश्य से करना स्वीकार किया है।

जानकारी के अनुसार 12 अगस्त को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र अंतर्गत बीट पतौर बी में वन विभाग की टीम पैदल मानसूनी गश्ती कर रही थी। गश्ती के दौरान वनकर्मियों की नजर दो संदिग्ध व्यक्तियों पर पड़ी। वन अमले ने सतर्कता बरतते हुए दोनों व्यक्तियों को चारों तरफ से घेर लिया और मौके पर ही पकड़ लिया।

इसके बाद वन अमले ने दोनों की तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास गमछे में लपेटकर रखा गया जंगली सुअर का मृत शव बरामद हुआ। वन विभाग के अनुसार जंगली सुअर की उम्र लगभग तीन माह थी। आरोपियों के पास से दो कुल्हाड़ियां भी मिलीं, जिन्हें वन अमले ने मौके पर जब्त कर लिया। बरामद वन्यजीव और अन्य सामग्री को कब्जे में लेकर मामले की सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में पतौर परिक्षेत्र अधिकारी राहुल किरार ने वन विभाग की टीम के साथ आगे की कार्रवाई शुरू की। दोनों आरोपियों से पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि जंगली सुअर का शिकार मांस खाने के उद्देश्य से किया गया था। इसके बाद वन विभाग ने आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

वन विभाग के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामलाल उर्फ चूट्दनी बैगा पिता बंगाली बैगा, उम्र 42 वर्ष, निवासी उमरिया बकेली, थाना इंदवार, जिला उमरिया तथा सनी बैगा पिता सुन्नी बैगा, उम्र 20 वर्ष, निवासी उमरिया बकेली, थाना इंदवार, जिला उमरिया के रूप में हुई है।

प्रकरण में आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को 13 अगस्त को उमरिया जिला न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के बाद माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

वन अमले की टीम ने की कार्रवाई

इस कार्रवाई में उपवनमंडलाधिकारी पनपथा भूरा गायकवाड़, परिक्षेत्र अधिकारी पतौर राहुल किरार, उपवनक्षेत्रपाल बालेन्द्र कुमार मिश्रा, वनपाल बबलूलाल झारिया, वनपाल बीरेन्द्र सिंह, वनरक्षक रज्जू सिंह पेन्द्रे, कैलाश प्रसाद चौधरी, फत्ते सिंह, वीरेन्द्र कुमार पटेल तथा वनरक्षक कु. रमा विश्वकर्मा सहित अन्य वनकर्मियों का विशेष योगदान रहा।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में मानसून के दौरान वन क्षेत्रों में वन अमले द्वारा लगातार पैदल गश्ती की जा रही है। इसी गश्ती के दौरान शिकार की गतिविधि का पता चला और समय रहते दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया। वन विभाग द्वारा वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए गश्ती और निगरानी अभियान लगातार जारी रखने की बात कही गई है।

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