उमरिया जिले के बाजार में खरीदारी करने वाले ग्राहकों से अक्सर सुनने को मिलता है कि दुकानदार 1 या 2 रुपये के सिक्के लेने से साफ इनकार कर देते हैं। अब ऐसे दुकानदारों के लिए जिला प्रशासन ने सख्त संदेश जारी किया है। प्रचलन में चल रहे 1 और 2 रुपये के सिक्के लेने से इनकार करने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने जिले के व्यापारियों और दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे वैध भारतीय मुद्रा के रूप में प्रचलित 1 एवं 2 रुपये के सिक्कों को स्वीकार करें। सिक्के लेने से मना कर ग्राहकों को परेशान करने की शिकायत मिलने पर प्रशासन मामले को गंभीरता से लेगा।
प्रशासन की ओर से जारी संदेश में भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों का उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि लोक सेवक द्वारा विधि सम्मत आदेश जारी किए जाने के बाद उसका पालन नहीं करना कानूनी अपराध है। आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल, बाजार में कई बार दुकानदार छोटे मूल्य के सिक्कों को लेने से इनकार कर देते हैं। ग्राहक के पास यदि 1 या 2 रुपये के सिक्के होते हैं तो उसे दूसरे दुकानदार से सामान खरीदने या सिक्के बदलने के लिए मजबूर होना पड़ता है। छोटी रकम को लेकर होने वाली यह परेशानी अब प्रशासन की नजर में भी आ गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भारतीय मुद्रा के रूप में प्रचलित सिक्कों को स्वीकार करने में अनावश्यक आनाकानी नहीं की जानी चाहिए। व्यापारियों से नियमों का पालन करने और ग्राहकों को परेशान नहीं करने की अपील की गई है।
वहीं प्रशासन के इस संदेश के बाद बाजार में चर्चा तेज हो गई है कि अब ‘एक-दो रुपये का सिक्का नहीं चलेगा’ कहना दुकानदारों को महंगा पड़ सकता है। यदि कोई व्यापारी प्रशासन के विधि सम्मत आदेश की अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी दुकानदार द्वारा 1 या 2 रुपये के सिक्के लेने से इनकार किया जाता है, तो इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।