मध्यप्रदेश में डॉक्टरों की कमी दूर करने की तैयारी, सुषेण योजना के विस्तार पर बड़ा फैसला
6 हजार से ज्यादा पद खाली, दूरदराज के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने पर सरकार का फोकस
मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने ‘मुख्यमंत्री सुषेण चिकित्सक प्रोत्साहन योजना’ के विस्तार का प्रस्ताव जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। प्रस्ताव तैयार करने में हो रही देरी पर उन्होंने अधिकारियों से नाराजगी भी जताई।
प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों और मेडिकल ऑफिसर्स के 6 हजार से अधिक पद खाली हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के 5,543 स्वीकृत पदों में से 3,698 पद रिक्त हैं, जबकि मेडिकल ऑफिसर्स के 6,513 पदों में से 2,689 पद खाली बताए गए हैं। सबसे ज्यादा कमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और डिस्पेंसरी में सामने आ रही है।
2019 में शुरू हुई थी योजना
मुख्यमंत्री सुषेण चिकित्सक प्रोत्साहन योजना वर्ष 2019 में शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य आदिवासी और अति पिछड़े क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करना है। योजना के तहत इन क्षेत्रों में सेवाएं देने वाले नियमित और संविदा चिकित्सकों को वेतन या मानदेय के अतिरिक्त विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
सभी CHC तक विस्तार की तैयारी
राजेंद्र शुक्ल ने जुलाई में सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में इस योजना को लागू करने के निर्देश दिए थे। हालांकि अब तक प्रस्ताव तैयार नहीं होने पर उन्होंने अधिकारियों को इसे जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। योजना के विस्तार को लागू करने से पहले कैबिनेट की मंजूरी भी जरूरी होगी।
18 CHC को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया भी शुरू
इसी बीच स्वास्थ्य विभाग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को आउटसोर्स करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ा रहा है। पहले चरण में रीवा, देवास और गुना की 18 सीएचसी को इस व्यवस्था में शामिल किया गया है। निजी एजेंसियों के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।
सरकार का फोकस दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाओं पर
सुषेण योजना के विस्तार के जरिए सरकार डॉक्टरों को अतिरिक्त प्रोत्साहन देकर दूरस्थ और जरूरतमंद क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए प्रोत्साहित करना चाहती है। अब प्रस्ताव आने के बाद योजना के विस्तार की आगे की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
क्या आपको लगता है कि सुषेण योजना के विस्तार से गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर हो पाएगी? अपनी राय कमेंट में बताएं।