जर्जर भवन में बारिश का पानी, जान जोखिम में डालकर विद्युत व्यवस्था संभाल रहे कर्मचारी
मड़वास डीसी अंतर्गत कुसमी में विद्युत विभाग की बदहाल व्यवस्था, लाखों के उपकरण भी हो रहे प्रभावित
कुसमी। मड़वास डीसी अंतर्गत कुसमी क्षेत्र में विद्युत विभाग का भवन लंबे समय से जर्जर हालत में बना हुआ है। लगातार हो रही बारिश के बीच भवन की छत से पानी टपकने के कारण यहां रखे विद्युत उपकरणों के खराब होने का खतरा बना हुआ है। वहीं कर्मचारी भी जान जोखिम में डालकर ऑपरेटिंग सिस्टम संभालने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि विद्युत विभाग का यह भवन जंगली क्षेत्र में स्थित है। भवन से बाहर निकलते ही आसपास जंगली जानवरों की आवाजाही बनी रहती है। स्थानीय स्तर पर कई बार भवन के आसपास भालू के पहुंचने की बात भी सामने आ चुकी है। इसके बावजूद कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं।
*बाउंड्रीवॉल नहीं, ट्रांसफार्मर तक पहुंच रहे मवेशी*
भवन के आसपास बाउंड्रीवॉल की व्यवस्था नहीं होने के कारण मवेशी भी परिसर में प्रवेश कर पावर ट्रांसफार्मर के आसपास तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में किसी विद्युत दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। खासकर रात के समय फॉल्ट आने पर ऑपरेटरों को अंधेरे और असुरक्षित माहौल में मौके पर पहुंचकर व्यवस्था संभालनी पड़ती है।
*बारिश से उपकरणों पर भी खतरा*
भवन की छत से टपकता पानी वहां रखे विद्युत उपकरणों तक पहुंच रहा है। बारिश के दौरान उपकरणों के भीगने से उनके खराब होने के साथ ही उन्हें दोबारा जोड़ने अथवा उपयोग करने के दौरान करंट लगने का खतरा भी बना रहता है। विभाग के रखरखाव में उपयोग होने वाली सामग्री और उपकरणों की उपलब्धता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय जानकारी के अनुसार फॉल्ट एवं मेंटेनेंस कार्य के लिए आवश्यक सामग्री और वाहन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बताया जा रहा है कि रिपेयरिंग और मेंटेनेंस के लिए ठेकेदार की ओर से भी आवश्यक संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई है।
*हादसे का इंतजार या समय रहते सुधरेगी व्यवस्था?*
एक ओर जर्जर भवन की छत से लगातार पानी टपक रहा है, वहीं दूसरी ओर भवन के धराशायी होने की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या विभाग और जनप्रतिनिधि किसी बड़े हादसे के बाद ही व्यवस्थाओं को सुधारेंगे?
स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि जर्जर भवन की मरम्मत या नए भवन की व्यवस्था, परिसर में बाउंड्रीवॉल निर्माण तथा मेंटेनेंस के लिए आवश्यक उपकरण, वाहन और अन्य संसाधन तत्काल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि कर्मचारी सुरक्षित वातावरण में अपनी जिम्मेदारी निभा सकें।
अब देखना यह होगा कि विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है और कुसमी विद्युत केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार कब तक दिखाई देता है।