सीधी को मिले चार नायब तहसीलदार और सीधी से कई आर आई का हुआ तबादला बने नायब तहसीलदार

Transfer:मध्य प्रदेश शासन के राजस्व विभाग द्वारा जारी नवीन स्थानांतरण आदेश में प्रदेशभर के 119 राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार का दायित्व सौंपा गया है। आदेश के तहत विभिन्न जिलों में प्रशासनिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। इस व्यापक फेरबदल में सीधी जिले को भी महत्वपूर्ण बदलाव मिले हैं, जहां कुछ राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ किया गया है, वहीं सीधी से भी अधिकारियों को अन्य जिलों में भेजा गया है।

Transfer:जारी सूची के अनुसार सीधी जिले में जिन राजस्व निरीक्षकों को प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में पदस्थ किया गया है, उनमें प्रमुख रूप से श्री तीननन्दु प्रजापति, श्री मनोज कुमार तिवारी, श्री गणेश प्रसाद पाण्डेय, श्री हंसराज सिंह तथा श्री उपेन्द्र कुमार द्विवेदी के नाम शामिल हैं। इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक प्रभारी नायब तहसीलदार का प्रभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इन पदस्थापनाओं का उद्देश्य राजस्व न्यायालयीन कार्यों में तेजी लाना तथा स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना है।

Transfer:वहीं दूसरी ओर, सीधी जिले से भी कुछ राजस्व निरीक्षकों का स्थानांतरण अन्य जिलों में किया गया है। सूची के आधार पर सीधी में पदस्थ रहे अधिकारियों में से कम से कम तीन अधिकारियों को अन्य जिलों में भेजा गया है। इनमें श्री सत्य सागर पाण्डेय को मझगवां, जबकि अन्य अधिकारियों को भी प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरित किया गया है। इस प्रकार सीधी जिले से बाहर भेजे गए अधिकारियों की संख्या सीमित रखी गई है, जिससे जिले में कार्य व्यवस्था प्रभावित न हो।

Transfer:आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रभारी नायब तहसीलदार के रूप में कार्यरत राजस्व निरीक्षक अपने मूल पद पर ही बने रहेंगे तथा उन्हें वेतनमान या वरिष्ठता का अतिरिक्त लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, यह भी उल्लेखित है कि यदि कोई अधिकारी प्रभार लेने से इनकार करता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

Transfer:राजस्व विभाग के इस निर्णय को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि नई पदस्थापनाओं से सीधी जिले में राजस्व संबंधी कार्यों के निष्पादन में गति आएगी और लंबित मामलों के निराकरण में सहूलियत


