प्रदेश संकट में, जनता सड़क पर,कमलेश्वर पटेल का बड़ा हमला कर्ज, मौतें, किसान और मंत्री विवाद पर 24 फरवरी को विधानसभा घेराव का आह्वान
एमपी की राजनीति में एक बार फिर तापमान बढ़ गया है। पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर मुद्दों को लेकर जनता से सीधे सड़क पर उतरने की अपील की है। जहा उन्होंने दावा किया कि आज मध्य प्रदेश अनेक गंभीर संकटों से गुजर रहा है और प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। साथ ही उनके अनुसार राज्य लगातार बढ़ते कर्ज के बोझ तले दबता जा रहा है, जिसकी कीमत अंततः आम जनता को चुकानी पड़ रही है।
गौरतलब है की कमलेश्वर पटेल ने हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इंदौर के भगीरथपुरा क्षेत्र में कथित रूप से दूषित पानी पीने से 35 लोगों की मौत ने शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं छिंदवाड़ा में जहरीली कफ सिरप पीने से 27 मासूम बच्चों की मौत को उन्होंने “बेहद दर्दनाक और शर्मनाक” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएँ व्यवस्था की लापरवाही और जवाबदेही की कमी को उजागर करती हैं।
जहा पूर्व मंत्री ने सरकार के कुछ मंत्रियों पर भी निशाना साधा। उनका कहना था कि सेना के शौर्य पर सवाल उठाने और अपमानजनक भाषा का उपयोग करने वाले मंत्री अब भी कैबिनेट में बने हुए हैं, जो प्रदेश की गरिमा और राष्ट्रसम्मान के खिलाफ है। किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए पटेल ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और कहा कि भारत सरकार द्वारा अमेरिका के साथ की गई व्यापारिक डील के गंभीर परिणाम किसानों को भुगतने पड़ सकते हैं।
वही इन सभी मुद्दों के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने 24 फरवरी 2026 को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। कमलेश्वर पटेल ने प्रदेश की जनता से अधिक से अधिक संख्या में पहुँचकर इस आंदोलन को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, “यह प्रदेश के हक और न्याय की लड़ाई है। अन्याय के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना समय की मांग है।”
जहा घेराव कार्यक्रम 24 फरवरी को सुबह 11:00 बजे प्रस्तावित है, जिसे लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

