कुसमी तहसील परिसर हनुमान मंदिर हत्याकांड पर उग्र आंदोलन की चेतावनी,24 फरवरी से अनिश्चितकालीन धरना, प्रशासन पर वादाखिलाफी के आरोप
एमपी के सीधी जिले के कुसमी तहसील मुख्यालय में पुजारी इन्द्रभान द्विवेदी की नृशंस हत्या के मामले को लेकर जनाक्रोश तेज हो गया है। मामले में कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने 24 फरवरी 2026 से घटना स्थल ग्राम भगवार में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन की घोषणा की है। वही संगठन का कहना है कि 15 फरवरी 2026 को सीधी कलेक्टर के नाम ज्ञापन, कुसमी तहसीलदार के माध्यम से सौंपा गया था, जिस पर उपखण्ड अधिकारी द्वारा एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया, लेकिन अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।
इस ज्ञापन में संगठन ने कई गंभीर मांगें रखी हैं। पहली मांग में हत्याकांड की पृष्ठभूमि में “हिंदू पूजा-पाठ विरोधी संगठनों” की भूमिका की जांच कर आरोपियों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की बात कही गई है। जहा दूसरी दूसरी मांग में उच्च स्तरीय एसआईटी गठित कर निष्पक्ष जांच और प्रकरण को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की गई है। वही संगठन का आरोप है कि हत्या के समय से फरार बताए जा रहे संदिग्धों के संबंध में पुलिस को सूचना देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
वही तीसरी मांग में मुख्य आरोपी कामता उर्फ लाला केवट पर तहसील परिसर में अवैध अतिक्रमण और खुले बूचड़खाने के संचालन का आरोप लगाते हुए मकान जमींदोज करने तथा घर में रखे कथित अवैध हथियारों की जब्ती की मांग की गई है।
जहा चौथी मांग में मृतक पुजारी के परिजनों के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की अपेक्षा जताई गई है। पांचवीं मांग में मंदिर समिति एवं स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की गई है, यह कहते हुए कि आरोपी पक्ष के परिजन “उद्दण्ड एवं आपराधिक प्रवृत्ति” के हैं, जिससे भय का माहौल बना हुआ है।
इस धरना-प्रदर्शन को लेकर संगठन ने स्पष्ट किया है कि मांग-पत्र पर विधिवत अमल होने तक आंदोलन जारी रहेगा।वही इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. संजय त्रिपाठी, प्रदेश अध्यक्ष पं. पुष्पेंद्र मिश्रा और जिलाध्यक्ष पं. राकेश दुबे सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उपस्थिति बताई गई। सोमवार को दोपहर 1 बजे प्रतीकात्मक धरना दिया गया, जिसके बाद 3 बजे प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया।
इस प्रशासन की ओर से इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, वहीं क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने को लेकर पुलिस सतर्क बताई जा रही है। स्थानीय नागरिकों की नजर अब 24 फरवरी से प्रस्तावित आंदोलन और प्रशासनिक कदमों पर टिकी है।

