सीधी में मौसम का कहर,रामपुर नैकिन,कधवार में ओलावृष्टि और तूफानी बारिश से तबाही, एक घंटे में किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
मध्य प्रदेश के सीधी जिले का अचानक मौसम का बदल गया है तेज हवाओं के साथ बारिश हुई है और ओले भी पड़े हैं। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रामपुर नैकिन और कधवार सहित आसपास के कई गांवों में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए ऐसा कहर बरपाया है कि किसानों की महीनों की मेहनत पल भर में बर्बाद हो गई। जहा तेज बारिश, ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं ने खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया, जिससे ग्रामीण इलाकों में मायूसी का माहौल है। महज एक घंटे चली इस तेज बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया।
वही स्थानीय किसानों के अनुसार, ओलों की मार से सरसों की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सरसों में लगे फलियां टूटकर खेतों में बिखर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। वहीं मटर की फसल भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। तेज हवाओं और ओलों के कारण मटर की बालियां जमीन पर गिर गईं, जो अब सड़ने के कगार पर हैं। चने की फसल को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की आर्थिक चिंता और बढ़ गई है।
साथ ही किसान रामजी शुक्ला ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने दो एकड़ में चना और सरसों की बोवनी की थी, जो इस अचानक आई बारिश और ओलावृष्टि से लगभग खत्म हो गई। इसके अलावा आधा एकड़ में लगी मटर की फसल भी बर्बाद हो गई। रामजी शुक्ला ने बताया, “हमने इस बार बड़ी उम्मीदों के साथ खेती की थी, लेकिन एक घंटे के मौसम ने सब कुछ तबाह कर दिया। पांच आम के पेड़ों पर लगे छोटे-छोटे फल भी तेज हवा और ओलों से टूटकर गिर गए, अब आम की पैदावार पर भी संकट है।”
वही आम के बागानों में भी नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते आम में लगी गौर (छोटे फल) झड़ गई, जिससे आगामी सीजन में आम की उपलब्धता पर असर पड़ सकता है।
जहा इस पूरे घटनाक्रम पर कृषि विभाग के उप संचालक डॉ. राजेश सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण किसानों को कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा, “फिलहाल आज पहली बारिश थी और इसकी अवधि भी सीमित रही, इसलिए व्यापक नुकसान का आकलन अभी किया जा रहा है। यदि इसी प्रकार लगातार बारिश और ओलावृष्टि होती है, तो फसलों पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।”

