वेतन को तरसी आशा कार्यकर्ता, BMO विहीन CHC सिहावल, सत्ता के गलियारों में खामोशी, जनता परेशान
राजबहोर केवट सिंहावल
सीधी जिले की सिहावल विधानसभा अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिहावल की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों बदहाली की कहानी बयां कर रही है। एक तरफ 6 महीने से वेतन न मिलने पर आशा कार्यकर्ताओं का सब्र जवाब दे चुका है, तो दूसरी तरफ पूरा स्वास्थ्य केंद्र महीनों से बीएमओ विहीन चल रहा है, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह पटरी से उतरती नजर आ रही हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व बीएमओ डॉ. स्वतंत्र पटेल पर रीवा लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद से यह महत्वपूर्ण पद खाली पड़ा है। कार्रवाई को लेकर क्षेत्र में आज भी चर्चाओं का बाजार गर्म है और कई लोग इसे राजनीतिक खींचतान का नतीजा बता रहे हैं। मगर असली सवाल यह है कि आखिर महीनों बाद भी जिम्मेदार कुर्सी पर किसी की नियुक्ति क्यों नहीं हुई?
इधर आशा कार्यकर्ता दिन-रात सरकारी योजनाओं का बोझ उठाती रहीं, लेकिन मेहनताना फाइलों में ही दम तोड़ता रहा। त्योहार सिर पर है, जेब खाली है और जिम्मेदारों के बयान अब तक गायब हैं। मजबूर होकर कार्यकर्ताओं ने स्वास्थ्य केंद्र का घेराव कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्रीय नेता मंचों पर विकास के बड़े-बड़े दावे जरूर करते हैं, लेकिन जब स्वास्थ्य व्यवस्था संभालने की बारी आती है तो सबकी चुप्पी साफ नजर आती है। सत्ता की राजनीति में व्यस्त जनप्रतिनिधियों को शायद अस्पताल की बदहाल हालत और कर्मचारियों की परेशानियां दिखाई ही नहीं दे रहीं।
अब सवाल सीधा है क्या नेताओं की नींद तब खुलेगी जब हालात और बिगड़ेंगे, या फिर सिहावल की जनता यूं ही वादों और इंतजार के बीच पिसती रहेगी?

