गृह जिला पहुंचे युवा लेफ्टिनेंट, नागरिकों ने किया गर्म जोशी से स्वागत अभिनंदन
जिले की सीमा में स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा में पूजा अर्चना कर किया प्रवेश
सैकड़ों वाहनों के काफिले के साथ हुआ लेफ्टिनेंट का स्वागत
कपुरी कोठार के प्राचीन हनुमान मंदिर में वैदिक पूजा पाठ कर ग्रह ग्राम को हुए रवाना
भूतपूर्व सैनिकों के समूह ने भी किया अभिनंदन
भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित होने के बाद सीधी जिले के चुरहट विधानसभा के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत के सगौनी भरतपुर के युवा ने सेना की सभी आहर्ताए पूरी कर चयनित होने के बाद प्रशीक्षण पूरा कर गुरुवार को अपने गृह जिला आए जहां जनता ने उनका गर्म जोशी के साथ स्वागत अभिनंदन किया है। लेफ्टिनेंट देवांश पाण्डेय पिता राकेश पाण्डेय गुरुवार को जबलपुर आकर सड़क मार्ग से अपने गृह जिला पहुंचे।
जहां की जनता ने अपने लाडले के स्वागत में पलक पांवड़े बिछाने में कोई कोर कसर बाकी नहीं रखी रीवा अमरकंटक मार्ग के कैमोर पहाड़ छुहिया घाट के शिखर से लेकर प्राचीन हनुमान मंदिर कपुरी कोठार एवं देवांश के पैतृक गांव सगौनी तक स्वागत करने वालों की कतार लगती रही सभी अपने लाडले को देखने और दुलार करने शुभकामनाएं देने के लिए उतावले दिखे ।
लेफ्टिनेंट देवांश मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं उनके पिता राकेश पाण्डेय जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष रह चुके हैं तो माता श्रीमती रमा पाण्डेय जनपद सदस्य रहने के बाद शिक्षक का दायित्व निर्वहन कर रही है, चाचा प्रकाश पाण्डेय शिक्षक है तो बड़े भाई जबलपुर हाईकोर्ट में अधिवक्ता का निर्वाहन कर रहे। देवांश अपने परिवार के पद चिन्हों पर चलते हुए देश की सेवा करने का संकल्प लिया।
उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए सेना के आफीसर रैंक की तैयारी किए गत वर्ष हुए परीक्षा में बैठकर अच्छे रैंक से पास किए जिसके बाद उनका चयन लेफ्टिनेंट के लिए किया जाकर प्रशीक्षण के लिए चेन्नई बुलाकर उन्हें दक्ष किया गया,प्रशीक्षण के बाद उनके माता-पिता का जहां सम्मान किया गया वहीं कुछ दिनों के अवकाश पर उन्हें घर भेजा गया है , देवांश चेन्नई से 11मार्च को चलकर जबलपुर पहुंचे जहां से सड़क मार्ग से से 12मार्च 26को अपने गृह जिले में प्रवेश किए,तो जनता ने गर्मजोशी से स्वागत किया।
छुहियाघाट के शिखर पर स्वागत,
सीधी जिले के युवा लेफ्टिनेंट देवांश पाण्डेय जैसे ही छुहियघाट की सिखा पर पहुंचे वहां पहले से मौजूद देश प्रेमियों ने स्वागत वंदनकिये तो देवांश पाण्डेय वहां स्थापित हनुमान जी महाराज की प्रतिमा पर अपने माता-पिता के साथ पहुंचे और माल्यार्पण एवं पूजा अर्चना कर अपने गृह जिले में प्रवेश किए।
पुराने टोल बैरियर के पास हुआ अभिनंदन,
लेफ्टिनेंट देवांश पाण्डेय के स्वागत के लिए भूतपूर्व सैनिकों का समूह रीवा अमरकंटक मार्ग के पुराने टोल बैरियर के पास पहुंच कर अभिनंदन किये तो इसी जगह लगभग दो सौ से अधिक वाहनों के काफिले के साथ जनमानस ने स्वागत किया।
वेदों मंत्रों के साथ किये कपुरी नाथ की पूजा अर्चना,
लेफ्टिनेंट देवांश पाण्डेय के बघवार पहुंचने पर जनमानस के गर्मजोशी से स्वागत किया गया स्वागत लेने के बाद काफिले के साथ गृह ग्राम के लिए रवाना हुए रास्ते में कपुरी कोठार के वीर बजरंगवली स्वामी के मंदिर पहुंचे जहां पुजारियों के वेदोच्चारण के बीच पूजा अर्चना किये, देवांश के साथ उनके माता-पिता राकेश पाण्डेय माता श्रीमती रमा पाण्डेय, पुजारी हनुमान प्रसाद मिश्र, आगमानंद शुक्ला, सीताराम दाश महराज डेवादास महराज ने पूछा अर्चना कराया।
मंदिर में भूतपूर्व सैनिक जय राम शुक्ला, ददन पाण्डेय, पत्रकार ऋचा पाण्डेय , तेज बहादुर सिंह रामबिहारी पाण्डेय, कमलेश त्रिपाठी सुधाकर द्विवेदी विजय पाण्डेय नरेंद्र पाण्डेय अश्विनी त्रिपाठी रामनरेश द्विवेदी, शलिल अग्नीहोत्री सीताराम पाण्डेय मेदनी द्विवेदी सहित हजारों की तादाद में लोगों ने स्वागत वंदनकिये।
देर रात तक लगी रही आवाजाही
लेफ्टिनेंट देवांश पाण्डेय के गृह क्षेत्र में आने की जानकारी जैसे ही लोगों को हुई स्वागत के लिए भीड़ उमड़ पड़ी भीड़ इतनी ज्यादा हुई की घर के सामने का मैदान छोटा पड़ गया,सबका स्वागत स्वीकार करने के साथ उनके स्वागत भी किए गए स्वागत का शिल सिला देर रात तक चलता रहा तो दूसरे दिन शुक्रवार को भी उनके भीड़ रही है।

