300 साल से बीच सड़क पर अडिग आस्था,हनुमान जयंती पर सीधी में श्रद्धा का सैलाब, बेलबाग मंदिर बना आस्था का केंद्र
सीधी के वीर बजरंगबली के प्रकटोत्सव यानी हनुमान जयंती के अवसर पर पूरे सीधी जिले में श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत माहौल देखने को मिला। गुरुवार 2 अप्रैल को मनाए जा रहे इस पावन पर्व के लिए शहर के सभी हनुमान मंदिरों में भव्य तैयारियां की गईं। सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और पूरे शहर में भक्ति का रंग छा गया।
इस मामले मे पंडित विनय पांडे के अनुसार चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल से प्रारंभ होकर 2 अप्रैल सुबह 7:11 बजे तक रही। उदया तिथि के आधार पर इस वर्ष हनुमान जयंती 2 अप्रैल को मनाई गई। इस दिन ध्रुव योग और हस्त नक्षत्र का विशेष संयोग बना, जो पूजा-अर्चना के लिए अत्यंत शुभ माना गया। वहीं पंडित विनय शास्त्री ने बताया कि सुबह 6:10 से 7:44 तक शुभ मुहूर्त, दोपहर 12:00 से 12:50 तक अभिजीत मुहूर्त और शाम 6:49 से 8:06 तक संध्या पूजन का विशेष महत्व रहा।
सीधी शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित हनुमान मंदिर में सुंदरकांड पाठ और भंडारे का आयोजन किया गया। करीब 200 वर्ष पुराने इस मंदिर को लाल-पीले फूलों और विशेष सजावट से सजाया गया, जहां श्रद्धालुओं की भीड़ पूरे दिन बनी रही।
वहीं अब शासकीय कन्या महाविद्यालय के सामने स्थित श्री संकट मोचन धाम में मानस पाठ का आयोजन किया गया, जो दोपहर 3 बजे पूर्ण हुआ। इसके बाद विशाल भंडारे में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
लेकिन अब सबसे खास आकर्षण बना बेलबाग स्थित पुराना हनुमान मंदिर, जिसकी आस्था और विशेषता पूरे जिले में चर्चित है। यह मंदिर बीच सड़क पर स्थित है, जहां चारों ओर से वाहन गुजरते हैं, फिर भी लगभग 300 वर्षों में यहां कभी कोई दुर्घटना नहीं हुई। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि स्वयं बजरंगबली इस स्थान की रक्षा करते हैं। व्यस्त बाजार और सड़क के बीच स्थित होने के बावजूद मंदिर आज भी सुरक्षित और अडिग खड़ा है।
वही यहां सुबह से ही मानस पाठ और पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पूरे सीधी जिले में आस्था, भक्ति और विश्वास का यह अद्भुत संगम देखने को मिला।

