“पत्नी, प्रेम और मौत का खेल,‘डकैती’ के पीछे छिपी खौफनाक साजिश का खुलासा”
धार जिले के गोंदीखेड़ा गांव में मिर्च व्यापारी की हत्या ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। पहली नजर में यह मामला एक खूनी डकैती का लगा, लेकिन महज 12 घंटे के भीतर पुलिस ने ऐसा खुलासा किया जिसने हर किसी को चौंका दिया।
डकैती नहीं, थी एक सोची-समझी साजिश
सोमवार रात हुई इस वारदात में व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या कर दी गई। घर का सामान बिखरा हुआ था, पत्नी बंधी हुई मिली—सब कुछ किसी बड़ी लूट की कहानी बयां कर रहा था।
लेकिन पुलिस को कुछ गड़बड़ लगा…
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, शक की सुई सीधे पत्नी प्रियंका पर जाकर टिक गई।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
पूछताछ में जो सच सामने आया, वह और भी चौंकाने वाला था।
प्रियंका का अपने परिचित कमलेश से प्रेम संबंध था। दोनों ने मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
योजना के तहत
घटना वाली रात घर में सिर्फ पति-पत्नी होने की जानकारी आरोपियों को दी गई
आरोपियों ने घर में घुसकर पहले प्रियंका को अलग किया
फिर व्यापारी की हत्या कर दी गई
₹1 लाख की सुपारी, और ‘नाटक’ डकैती का
जांच में सामने आया कि प्रेमी कमलेश ने अपने साथी और एक अन्य आरोपी सुरेंद्र को ₹1,00,000 देकर हत्या की सुपारी दी
वारदात के बाद प्रियंका ने आरोपियों को 30-40 हजार रुपए नकद और जेवर दिए
घर में डकैती का झूठा माहौल बनाने के लिए सामान बिखेरा गया
खुद को बंधक बनवाकर ‘पीड़िता’ बनने की कोशिश की गई
12 घंटे में पुलिस का खुलासा
मयंक अवस्थी (पुलिस अधीक्षक) के नेतृत्व में टीम ने इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर तेजी से कार्रवाई की।
नतीजा
पत्नी प्रियंका और प्रेमी कमलेश गिरफ्तार
अन्य आरोपी की तलाश जारी
एक मां का उजड़ गया संसार
इस घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है।
इकलौते बेटे की हत्या से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम पसरा हुआ है।
पहले भी हो चुके थे प्रयास
पुलिस के अनुसार, व्यापारी को पहले भी निशाना बनाने की कोशिश की जा चुकी थी, लेकिन हर बार वह बच निकला। इस बार पूरी प्लानिंग के साथ वारदात को अंजाम दिया गया।
क्या कहती है पुलिस?
पुलिस का कहना है कि मामला पूरी तरह अवैध संबंध और साजिश से जुड़ा है। सभी एंगल पर जांच जारी है और जल्द ही बाकी आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जाएगा।
एक झूठी कहानी… एक खतरनाक साजिश… और रिश्तों के नाम पर सबसे बड़ा विश्वासघात।
गोंदीखेड़ा केस ने एक बार फिर साबित कर दिया—हर कहानी वैसी नहीं होती जैसी दिखती है।
नोट – फोटो सोर्स एआई

