सीधी: जिला जेल पडरा, सीधी से एक बेहद संवेदनशील और मानवीय पहलू को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। पास्को एक्ट के तहत बीते तीन वर्षों से जेल में निरुद्ध एक कैदी की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। हैरानी की बात यह है कि इस कैदी से मिलने तीन सालों में एक भी परिजन जेल नहीं पहुंचा।
मृतक की पहचान रजनीश दुबे (पिता – शशिप्रकाश दुबे), निवासी वार्ड क्रमांक 3, नगर परिषद चुरहट के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, उसे चुरहट न्यायालय द्वारा 14 नवंबर 2023 को पास्को एक्ट के तहत जेल भेजा गया था, जिसके बाद से वह जिला जेल में बंद था।
शनिवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद उसकी हालत तेजी से खराब हो गई। जेल प्रहरियों ने तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी, जिसके बाद जेल अधीक्षक के निर्देश पर उसे जिला अस्पताल भेजा गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार से पूरी तरह टूटा था नाता
जेल प्रशासन के मुताबिक, रजनीश दुबे का पारिवारिक हाल बेहद दयनीय था। उसकी मां का पहले ही निधन हो चुका है, जबकि पिता वृद्ध और अस्वस्थ हैं। सबसे मार्मिक तथ्य यह है कि पिछले तीन वर्षों में उससे मिलने कोई भी परिजन जेल नहीं आया।
प्रशासन ने दी सूचना
घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम को दे दी गई है, जिसके माध्यम से परिजनों को सूचना पहुंचाई जा रही है। फिलहाल मौत के कारणों को लेकर आगे की कार्रवाई जारी है।
अधीक्षक का बयान
जेल अधीक्षक रविशंकर सिंह ने बताया,
“कैदी रजनीश दुबे की तबीयत अचानक खराब हुई थी। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया।”
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण बीमारी बताया जा रहा है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। घटना ने जेल प्रशासन और कैदियों के स्वास्थ्य प्रबंधन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

