योजना से वंचित हैं पात्र आदिवासी वृद्ध दंपति
सचिव के लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे ग्रामीण
मामला ग्राम पंचायत खंतरा का
संजय सिंह मझौली
एक तरफ जहां शासन प्रशासन के द्वारा सत प्रतिशत पात्र लोगों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष योजनाएं, आदेश निर्देश एवं शिविरों के माध्यम से अभियान चलाया जाता है लेकिन जब पात्र व्यक्ति योजना से वंचित रहते हैं तब तमाम अभियान एवं शिविरों की पोल खुलना लाजमी है। सवाल यह उठता है जिस कर्मचारी के लापरवाही से पात्र व्यक्ति योजना से वंचित है उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती है।
ताजा मामला जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत खंतरा के ग्राम बघैला का प्रकाश में आया है।
बघैला निवासी शिवकुमार सिंह गोंड़ पिता बृजनंदन सिंह गोंड़ एवं उसकी पत्नी कौशल्या सिंह गोंड़ दोनों 60 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं जो अनुसूचित जनजाति वर्ग से आते हैं।बाबजूद इसके आज भी झुग्गी झोपड़ी घास फूस में जीवन बिताने को मजबूर हैं। उन्हें ना तो आवास योजना का लाभ मिला और ना ही खाद्यान्न पात्रता श्रेणी का लाभ मिल पा रहा है । शिवकुमार सिंह के मुताबिक कई बार कर्मचारी अधिकारी आकर फोटो खींचकर ले जाते हैं लेकिन उन्हें आज तक शासन के किसी योजना का लाभ नहीं मिला है।उनकी पत्नी 10 वर्षों से गठिया बात के कारण जकड़ी हुई है जो विकलांग हो चुकी है उसे छोड़कर कहीं जा भी नहीं सकते हैं और भरण पोषण व झोपड़ी मरम्मत कराना उनके लिए बड़ा मुश्किल हो रहा है।
*इस बरसात में जीवन बचाना मुश्किल है*
शिवकुमार सिंह दुखी मन से बताते हैं कि पिछले बरसात में किसी तरह जीवन बच गया था लेकिन इस बरसात में झोपड़ी की मरम्मत भी नहीं कर पाए हैं जबकि रहना इसी में है इसलिए इस बरसात में लगता है जीवन नहीं बचेगा।सबसे ज्यादा हमें अपने विकलांग पत्नी की चिंता है कि बरसात में उसे लेकर कहां जाएंगे।
*इनका कहना*
हमें शासन के योजना का कोई लाभ नहीं मिल रहा है।झुग्गी झोपड़ी आपके सामने है इसी में हम लोग गुजारा करते हैं। खाद्यान्न भी नहीं मिलता है आवास भी नहीं मिला है।
*शिवकुमार सिंह ग्रामीण*

