आधी रात लगी इन्द्रजीत पटेल की प्रतिमा, सुबह गरमाई सियासत: समर्थक बोले सम्मान, विरोधियों ने उठाए सवाल; पुलिस छावनी में बदला इलाका
सीधी शहर में पूर्व शिक्षामंत्री एवं जिले के सात बार विधायक रहे जननेता इन्द्रजीत पटेल की प्रतिमा स्थापना को लेकर राजनीतिक माहौल अचानक गर्मा गया है। वर्षों से लंबित मांग के बीच रविवार देर रात समर्थकों द्वारा प्रस्तावित स्थल पर प्रतिमा स्थापित किए जाने के बाद शहर में चर्चा, समर्थन और विरोध का दौर शुरू हो गया है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने प्रतिमा स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, प्रतिमा स्थापना को लेकर वर्ष 2023 में नगरपालिका परिषद को आवेदन प्रस्तुत किया गया था। वरिष्ठ अधिवक्ता विनोद वर्मा ने बताया कि नगरपालिका की बैठक में प्रतिमा स्थापना का प्रस्ताव भी पारित किया गया था। इसके बाद प्रतिमा के अनावरण एवं स्थापना की अनुमति के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन लंबे समय तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
समर्थकों का कहना है कि वर्षों तक प्रतीक्षा के बाद भी जब प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तब स्थानीय नागरिकों और इन्द्रजीत पटेल के अनुयायियों ने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रतिमा को प्रस्तावित स्थल पर स्थापित करने का निर्णय लिया। बुधवार सुबह प्रतिमा स्थापना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे और इसे जिले के लोकप्रिय नेता को सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
हालांकि प्रतिमा स्थापना की प्रक्रिया को लेकर कुछ लोगों ने सवाल भी खड़े किए हैं। विरोध के स्वर सामने आने के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। कोतवाली थाना क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और पुलिस लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।
कोतवाली थाने में पदस्थ उप निरीक्षक विवेक द्विवेदी ने बताया कि प्रतिमा स्थापना की जानकारी मिलने के बाद किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या विवाद को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है।
गौरतलब है कि इन्द्रजीत पटेल सीधी जिले की राजनीति का एक बड़ा चेहरा रहे हैं। ऐसे में उनकी प्रतिमा स्थापना का मुद्दा अब केवल सम्मान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक प्रक्रिया, जनभावनाओं और राजनीतिक संदेश का विषय बनता जा रहा है। अब सबकी नजर प्रशासन के अगले कदम और इस पूरे घटनाक्रम के राजनीतिक असर पर टिकी हुई है।

