15 साल से अलग रह रही पत्नी की कर दी हत्या: भरण-पोषण लेने पहुंची महिला को पीटकर गला घोंटा, फिर जंगल में जलाया शव; बहरी पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाई ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री
सीधी जिले में जली हुई अज्ञात महिला की लाश मिलने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सोमवार दोपहर करीब 2 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने पूरे हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि मृतका की पहचान ममता नामदेव के रूप में हुई है और उसकी हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसके पति सुरेश नामदेव ने की थी।
एसपी ने बताया कि ममता नामदेव पिछले लगभग 15 वर्षों से अपने पति से अलग रह रही थी और सीधी में रहकर व्यवसाय करती थी। न्यायालय के आदेश के अनुसार उसे पति सुरेश नामदेव से भरण-पोषण राशि मिलती थी। घटना वाले दिन वह भरण-पोषण संबंधी कार्य से पति के पास पहुंची थी। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि विवाद के दौरान सुरेश नामदेव ने ममता के साथ मारपीट की और डंडे से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की साजिश रची।
एसपी के अनुसार सुरेश नामदेव टेलरिंग का काम करता है। उसके पास बड़ी मात्रा में कपड़ों के टुकड़े और बचा हुआ कपड़ा मौजूद था। उसने महिला के शव को इन्हीं कपड़ों के बीच छिपाया और ऑटो की सहायता से बहरी थाना क्षेत्र के जंगल की ओर ले गया। वहां उसने शव को बोरी और कपड़ों के साथ रखकर उस पर ज्वलनशील पदार्थ, संभवतः पेट्रोल या डीजल, डालकर आग लगा दी ताकि मृतका की पहचान न हो सके।
गौरतलब है कि शनिवार को बहरी थाना क्षेत्र के ग्राम झरिया के पास बोरी में बंद जली हुई महिला की लाश मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। थाना प्रभारी बहरी राजेश पांडे और उनकी टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, पूछताछ एवं जांच के आधार पर महज 48 घंटे के भीतर इस अंधी हत्या की गुत्थी सुलझा दी।
पुलिस ने आरोपी पति सुरेश नामदेव को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले के सफल खुलासे के लिए बहरी पुलिस टीम की सराहना की है।

