मड़वास में अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त: 7 दिन में नहीं हटाया कब्जा तो चलेगा बुलडोजर, सड़क और नालियों का किया गया निरीक्षण
सीधी। मझौली जनपद पंचायत अंतर्गत मड़वास में सड़क और नालियों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार दोपहर तहसीलदार, एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मड़वास पहुंचे और सड़क किनारे एवं नालियों पर किए गए अतिक्रमण का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अतिक्रमणकारियों को सात दिन के भीतर स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी दी है।
जानकारी के अनुसार मड़वास क्षेत्र में हल्की बारिश होने पर भी मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाती है। इसका प्रमुख कारण सड़क और नालियों तक किए गए अतिक्रमण को माना जा रहा है, जिससे वर्षा का पानी निकासी मार्ग नहीं मिलने के कारण सड़क पर भर जाता है। इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए मंगलवार को दोपहर लगभग 12 बजे बैठक आयोजित की गई। बैठक के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सड़क और नालियों का निरीक्षण किया तथा दुकानदारों और स्थानीय लोगों से चर्चा की।
तहसीलदार राजेश पारस ने बताया कि क्षेत्र में लगभग 21 लोगों को समझाइश दी गई है। सभी को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे सात दिन के भीतर अपने अतिक्रमण स्वयं हटा लें। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित समयावधि में अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो प्रशासन वैधानिक कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को जबरन हटाएगा।
उन्होंने दुकानदारों को भी अपनी निर्धारित सीमा के भीतर ही सामान रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि यातायात प्रभावित न हो और नालियों की सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
प्रशासन का मानना है कि अतिक्रमण हटने के बाद बरसात के दौरान जलभराव की समस्या में काफी हद तक राहत मिलेगी और लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से निजात मिलेगी।
निरीक्षण एवं कार्रवाई के दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग की एसडीओ शुभी गौतम, जनपद पंचायत मझौली की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) सुरभि श्रीवास्तव तथा तहसीलदार मड़वास राजेश पारस सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए सार्वजनिक मार्गों और नालियों को अतिक्रमण मुक्त रखने का आग्रह किया है।

