सड़क निर्माण में लापरवाही, शंकरपुर के ग्रामीणों को बरसात में फिर झेलनी पड़ेगी परेशानी
अमित श्रीवास्तव कुसमी
सीधी के बहुचर्चित
शंकरपुर रेलवे स्टेशन के समीप निर्माणाधीन शंकरपुर पहुंच मार्ग सड़क कार्य में कथित लापरवाही के चलते क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ गई हैं। बरसात का मौसम नजदीक है, लेकिन सड़क निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा कार्य में गंभीरता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण एक बार फिर लोगों को आवागमन की भारी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क निर्माण की मांग वर्षों से की जा रही थी। यहां तक कि क्षेत्रवासियों ने अपनी मांगों को लेकर चुनाव बहिष्कार तक किया था, जिसके बाद सड़क निर्माण को मंजूरी मिली। लेकिन मंजूरी मिलने के बावजूद निर्माण कार्य की धीमी गति से लोगों में नाराजगी है।
सड़क अधूरी रहने से शंकरपुर और आसपास के गांवों के छात्र-छात्राओं को भदौरा स्थित स्कूल और कॉलेज पहुंचने के लिए पुराने रवैये की तरह रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर होना पड़ेगा। बरसात के दौरान यह रास्ता और अधिक खतरनाक हो जाता है, जिससे किसी भी समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क नहीं होने के कारण गांव तक एम्बुलेंस भी नहीं पहुंच पाती। इससे गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को समय पर उपचार मिलने में कठिनाई होती है। बरसात के मौसम में यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आशंका जताई है कि अस्थायी सड़क के किनारे बनाए जा रहे अंडरब्रिज की गहरी खाई सुरक्षा व्यवस्था के अभाव में दुर्घटना का कारण बन सकती है। यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए तो कोई बड़ा हादसा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने तथा सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने की मांग की है।
*इनका कहना है।*
आनंद सिंह ददुआ सहित शंकरपुर के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
*आंनद सिंह ददुआ*
*सामाजिक कार्यकर्ता भदौरा*

