भूमिहीन हुए परिवार, बरसात से पहले उजड़े आशियाने: गजरही में रेलवे का बुलडोजर चला, विरोध के बीच लाठी-डंडे लेकर डटे ग्रामीण
सीधी। जिले के बहरी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गजरही में रविवार शाम करीब 4 बजे रेलवे विभाग द्वारा अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई की गई। रेलवे के अधिकारियों और ठेकेदार की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर कई मकानों को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्रभावित परिवारों ने जमकर विरोध किया, जिससे कुछ समय के लिए मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही जेसीबी मकानों को तोड़ने पहुंची, स्थानीय लोग विरोध में उतर आए। कई ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर जेसीबी चालक के सामने खड़े हो गए और कार्रवाई रोकने की कोशिश की। कुछ देर तक मौके पर विवाद की स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई जारी रखी गई।
स्थानीय निवासी आशीष यादव ने आरोप लगाया कि उनके मकान सहित उनके परिवार के कुल छह मकानों को बिना मुआवजा दिए तोड़ दिया गया। इनमें मुन्ना यादव और सुरेश यादव के मकान भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि कई बार तहसील कार्यालय में आवेदन देकर मुआवजा और पुनर्वास की मांग की गई, लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी।
आशीष यादव ने कहा कि बरसात का मौसम शुरू होने वाला है और ऐसे समय में मकान तोड़ दिए जाने से उनका पूरा परिवार खुले आसमान के नीचे आ गया है। उन्होंने प्रशासन पर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब उनके सामने अपने परिवार को सुरक्षित रखने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अतिक्रमण हटाना जरूरी था तो पहले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और मुआवजे की व्यवस्था की जानी चाहिए थी। बिना किसी वैकल्पिक इंतजाम के मकान तोड़ने से कई परिवार बेघर हो गए हैं और अब उनके सामने रहने की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।
इस मामले में सीधी कलेक्टर विकास मिश्रा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। वहीं अन्य संबंधित अधिकारियों ने भी इस विषय पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
रेलवे की इस कार्रवाई के बाद गांव में नाराजगी का माहौल है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल मुआवजा, पुनर्वास और मानवीय आधार पर राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इन बेघर हुए परिवारों की पीड़ा को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है।

