चौपाल से खेत तक सक्रिय रहे एसडीएम, किसानों ने कहा—पहली बार देखा ऐसा अधिकारी
खेत में ट्रैक्टर चलाकर एसडीएम ने जीता किसानों का दिल, चौपाल बनी मिसाल
चुरहट अनुभाग के ग्राम भीतरी में आयोजित कृषि चौपाल उस समय खास बन गई, जब एसडीएम विकास कुमार आनंद ने केवल किसानों की समस्याएं नहीं सुनीं, बल्कि खुद ट्रैक्टर चलाकर खेत की जुताई भी की। उनके इस कदम ने किसानों के बीच यह संदेश दिया कि प्रशासन केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेत-खलिहानों तक पहुंचकर किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।
कृषि चौपाल में एसडीएम विकास कुमार आनंद एवं नायब तहसीलदार महेंद्र द्विवेदी ने किसानों को प्राकृतिक खेती, डीएपी के विकल्प, नरवाई प्रबंधन, दुग्ध उत्पादन, बकरी एवं भैंस क्रय के लिए संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान कृषि, पशु चिकित्सा एवं उद्यानिकी विभाग के ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने भी किसानों को आधुनिक खेती और आय बढ़ाने के उपायों से अवगत कराया।
चौपाल के दौरान ग्राम भीतरी स्थित खसरा नंबर 2436/2, रकबा 0.8860 हेक्टेयर के भूमिस्वामियों कुमुदेश्वर अग्निहोत्री, अनिल कुमार अग्निहोत्री एवं अशोक कुमार अग्निहोत्री के खेत में एसडीएम ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर जुताई की। उनका उद्देश्य किसानों को यह विश्वास दिलाना था कि प्रशासन उनकी मेहनत, संघर्ष और जरूरतों को भली-भांति समझता है तथा अधिकारी भी जमीन से जुड़े होकर उनकी सेवा के लिए कार्य कर रहे हैं।
कृषक अंबुज पांडे ने कहा कि पहली बार किसी एसडीएम को गांव में किसानों के बीच बैठकर उनकी तरह कार्य करते देखा है। उन्होंने बताया कि एसडीएम ने न केवल योजनाओं की जानकारी दी, बल्कि किसानों को भरोसा भी दिलाया कि किसी भी योजना का लाभ लेने में परेशानी होने पर वे सीधे प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।
एसडीएम विकास कुमार आनंद ने बताया कि कृषि चौपाल का उद्देश्य किसानों की वास्तविक समस्याओं को समझना और उनके समाधान के लिए प्रशासन एवं स्थानीय स्तर पर प्रभावी प्रयास करना है। उन्होंने कहा कि किसानों से मिले सुझावों के आधार पर उनकी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के साथ किया जाएगा।
ग्राम भीतरी में आयोजित यह कृषि चौपाल प्रशासन और किसानों के बीच विश्वास, संवाद और सहभागिता का एक सकारात्मक उदाहरण बनकर सामने आई।

