कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन ने जल संवर्धन के लिए देशव्यापी जनभागीदारी मॉडल की बनाई कार्ययोजना
रायपुर (छत्तीसगढ़)। जल संरक्षण और जल संवर्धन को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन, रायपुर (छत्तीसगढ़, भारत) ने शासन एवं प्रशासन के सहयोग से देशभर में योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की व्यापक रणनीति तैयार की है।
फाउंडेशन के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. बद्री प्रसाद गुप्ता एवं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव ने बताया कि संस्था का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का संरक्षण ही नहीं, बल्कि आमजन, सामाजिक संगठनों, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासन को एक मंच पर लाकर जल संवर्धन की स्थायी व्यवस्था विकसित करना है।
इस कार्ययोजना के अंतर्गत वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण एवं पुनर्जीवन, तालाबों, कुओं और बावड़ियों की सफाई, पौधरोपण, जनजागरूकता अभियान, श्रमदान तथा जल संरक्षण के प्रति नागरिकों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। संस्था विभिन्न राज्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर चरणबद्ध रूप से इस अभियान का विस्तार करेगी।
डॉ. बद्री प्रसाद गुप्ता ने कहा कि “जल संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। जनभागीदारी के बिना जल संकट का स्थायी समाधान संभव नहीं है।”
वहीं एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमित श्रीवास्तव ने कहा कि फाउंडेशन का लक्ष्य जल संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐसा राष्ट्रीय मॉडल विकसित करना है, जिसे देशभर में अपनाकर जल संकट से निपटने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जा सकें।
कर्मप्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन ने सभी नागरिकों, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं से इस अभियान से जुड़कर जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की अपील की है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

