*सोशल मीडिया मे चंदा वसूली बना चर्चा का विषय*
*उपयंत्री ने सभी सचिव एवं रोजगार सहायकों को तीन हजार जमा करने का फरमान किया जारी*
*जारी फरमान सोशल मीडिया में हो रहा वायरल*
*संजय सिंह मझौली*
जनपद पंचायत मझौली में पदस्थ उपयंत्री अनित कुमार दीपांकर द्वारा व्हाट्सएप ग्रुप में एक मैसेज शेयर किया गया है जिसमें कहा गया है कि जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत चमराडोल एवं परसिली को छोड़कर बाकी सभी ग्राम पंचायत के सचिव एवं रोजगार सहायक तीन हजार रुपए प्रति पंचायत आज ही जनपद में जमा करें।इस मैसेज की पुष्टि करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मझौली की सहायक यंत्री एवं प्रभारी अनु विभागीय अधिकारी सरिता पटेल के द्वारा भी पुष्टि करते हुए कहा गया है कि आज ही राशि जमा करें।भेजा गया मैसेज सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
*वायरल मैसेज में तीन हजार रु जमा करने का है फरमान*
बताते चलें कि सेक्टर करमाई के नाम से बनाए गए ग्रुप में यह मैसेज शेयर किया गया है जिसमें शायद कुछ संबंधितों द्वारा जानकारी चाही गईं होगी तो सहायक यंत्री द्वारा भी राशि जमा करने की पुष्टि की गई है।वहीं सूत्रों के मुताबिक जिले के प्रभारी मंत्री का कार्यक्रम जनपद क्षेत्र में 10 जुलाई को निर्धारित है शायद उसी कार्यक्रम का हवाला देकर सचिव एवं रोजगार सहायकों से चंदा वसूली की जा रही है।
*हो जाएगी डेढ़ लाख की उगाही*
अगर आंकड़ों की बात की जाए तो जनपद पंचायत मझौली में 53 ग्राम पंचायत हैं जिनमें 2 ग्राम पंचायत को छोड़ दिया जाए तो 51 ग्राम पंचायतों में सचिव एवं रोजगार सहायक पदस्थ हैं और प्रति पंचायत 3000 के मान से 51 ग्राम पंचायतों में डेढ़ लाख रु की वसूली हो सकती है।ऐसे में प्रभारी मंत्री का कितना बड़ा कार्यक्रम है और क्या कार्यक्रम है यह भी सवाल है और क्या सिर्फ प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम की जिम्मेदारी पंचायत विभाग की ही है या कि अन्य विभाग भी जिम्मेदारी निभाएंगे यह भी बड़ा सवाल है।
*अपने ही बयान में फंसते नजर आए उपयंत्री व एस डी ओ*
मामले को लेकर जब संबंधित उपयंत्री एवं एसडीओ से जानकारी चाही गई तो दोनों ने लेबर बजट,डीपीआर व प्रोजेक्ट में रुपए की लागत का हवाला दिया गया लेकिन 2 ग्राम पंचायतों को क्यों छूट दी गई क्या उनको लेबर बजट,डी पी आर,प्रोजेक्ट की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे में दोनों अपने ही बयान में फंसते नजर आए।
*पदस्थापना से ही चर्चा मे है श्री दीपांकर*
सूत्रों की माने तो जब से अनित कुमार दीपांकर यहां पदस्त हुए हैं वह अपने काम से ज्यादा इसी तरह की वसूली कर राजनैतिक लाभ उठाने के प्रयास मे ज्यादा ध्यान देते हैंl
*इनका कहना*
व्यवस्था के लिए पैसे की मांग की गई है क्योंकि पहले ही राज्यपाल के कार्यक्रम का 178000 का भुगतान नहीं मिला है।हमें काम की जिम्मेदारी दे दी जाती है लेकिन बजट नहीं दिया जाता है तो इसी तरह काम चलाना पड़ता है।आई एस प्लानिंग एवं प्रोजेक्ट के लिए भी पैसे लगते हैं।
*सरिता पटेल अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मझौली*
लेबर बजट,डीपीआर व प्रोजेक्ट भोपाल स्तर से तैयार करवाना पड़ता है जिसके लिए पैसे देने पड़ते हैं।
*अनित कुमार दीपांकर*
पार्टी द्वारा कभी भी किसी विभाग को किसी कार्यक्रम पर वसूली के लिए नही कहा गया है फिर भी अगर इस तरह वसूली की जाती है तो इसकी जांच होनी चाहिए और संबंधितों पर ठोस कार्यवाही होनी चाहिए इस तरह के कृत्यों से हमारे जननायकों के साथ पार्टी की भी बदनामी होती है ।
*प्रवीण तिवारी भाजपा मंडल अध्यक्ष मझौली*

