शिवसेना ने रेलवे के कथित घटिया निर्माण कार्य पर रेलवे प्रबंधक के नाम सौंपा पत्र
गिट्टी की गुणवत्ता, निर्माणाधीन पुल एवं अधिग्रहित भूमि के सीमांकन की उच्चस्तरीय जांच की मांग :विवेक पांडे
सीधी। शिवसेना द्वारा ललितपुर–सिंगरौली रेल परियोजना अंतर्गत सीधी जिले में संचालित रेलवे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आपत्ति दर्ज कराते हुए मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन के माध्यम से रेलवे निर्माण कार्यों में कथित रूप से घटिया सामग्री के उपयोग, निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता तथा अधिग्रहित भूमि के सीमांकन संबंधी समस्याओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।
शिवसेना प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने बताया कि क्षेत्रीय निरीक्षण एवं स्थानीय नागरिकों से प्राप्त शिकायतों के अनुसार रेलवे ट्रैक निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टियों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कई स्थानों पर मानक गुणवत्ता वाली ट्रैक बैलेस्ट गिट्टी के स्थान पर कमजोर एवं गोलाकार पत्थरों का उपयोग किए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। यदि यह शिकायतें सही पाई जाती हैं तो यह रेलवे सुरक्षा मानकों के विपरीत होने के साथ भविष्य में दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं।
उन्होंने बताया कि सीधी रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित ग्राम जमोड़ी खुर्द के समीप निर्माणाधीन रेलवे पुल की गुणवत्ता को लेकर भी स्थानीय लोगों में असंतोष एवं चिंता व्याप्त है। शिवसेना ने मांग की है कि पुल निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री एवं तकनीकी मानकों की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराई जाए, जिससे निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे परियोजना के लिए अधिग्रहित भूमि का कई स्थानों पर स्पष्ट सीमांकन नहीं किया गया है। इसके कारण किसानों एवं भूमि स्वामियों को अपनी भूमि की स्थिति को लेकर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसलिए अधिग्रहित भूमि का विधिवत सीमांकन कर स्थायी सीमा चिन्ह स्थापित किए जाने की मांग की गई है।
शिवसेना ने रेल प्रशासन से मांग की है कि रेलवे ट्रैक निर्माण में उपयोग की जा रही गिट्टियों एवं अन्य निर्माण सामग्री की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए, निर्माणाधीन पुल की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों का परीक्षण कराया जाए, दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा ठेकेदारों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा जांच प्रतिवेदन को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।
शिवसेना का कहना है कि रेलवे जैसी महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना में गुणवत्ता एवं सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। जनहित एवं यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की जानी चाहिए।
इस बीच प्रमुख रूप से संभाग संयोजक संतकुमार केवट , जिलाध्यक्ष बेनाम सिंह बघेल उर्फ भोले, चंद्री मंडल अध्यक्ष सुजीत सिंह बड़गाही सहित कई शिवसैनिक रहे मौजूद

