संवाददाता-:अनिल शर्मा
सीधी पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के कुशल निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी एवं एसडीओपी कुसमी संतोष तिवारी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी मझौली उनि. विशाल शर्मा के नेतृत्व में सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने एवं राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर यातायात बाधित करने वाले आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी वैधानिक कार्यवाही की गई है।
दिनांक 23 जुलाई 2026 को थाना मझौली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम छुई में एक मृतक का शव पोस्टमार्टम हेतु एम्बुलेंस से ले जाया जा रहा था। इसी दौरान कुछ लोगों ने एम्बुलेंस को रोककर शव को सीधी-शहडोल राष्ट्रीय राजमार्ग के बीचों-बीच रख दिया तथा बड़ी संख्या में एकत्र होकर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों द्वारा शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए लगभग पाँच घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवागमन पूरी तरह बाधित किया गया, जिससे आम नागरिकों एवं यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलते ही अनुविभागीय पुलिस अधिकारी, तहसीलदार, थाना प्रभारी मझौली, थाना प्रभारी मड़वास, थाना प्रभारी कुसमी, चौकी प्रभारी पथरौला सहित पर्याप्त पुलिस बल मौके पर पहुँचा। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्वक समझाइश देकर मार्ग खोलने का लगातार प्रयास किया गया, किन्तु उनके द्वारा चक्का जाम समाप्त नहीं किया गया और यातायात बाधित रखा गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना मझौली पुलिस द्वारा शिकायत, उपलब्ध साक्ष्यों एवं वीडियो फुटेज के आधार पर चक्का जाम कर लोकमार्ग अवरुद्ध करने वाले नामजद एवं अन्य आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 191(2), 190, 285 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 2004 की धारा 33/58 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।
सीधी पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी समस्या या मांग के समाधान हेतु विधिसम्मत एवं शांतिपूर्ण माध्यम अपनाएँ। सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध कर आमजन के आवागमन में बाधा उत्पन्न करना कानूनन दंडनीय अपराध है। कानून व्यवस्था भंग करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध भविष्य में भी निष्पक्ष एवं कठोर वैधानिक कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।


