जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित प्रसिद्ध मां बिरासिनी देवी मंदिर में क्वार (शारदीय) नवरात्रि पर्व 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। नवरात्रि के दौरान मंदिर में होने वाले विभिन्न धार्मिक आयोजनों और व्यवस्थाओं के लिए मंदिर प्रबंधन समिति ने बड़ी मात्रा में सामग्री की खरीदी एवं अन्य व्यवस्थाओं को लेकर निविदा आमंत्रित की है। खास बात यह है कि निविदा में सामग्री की गुणवत्ता के साथ-साथ निर्धारित कंपनियों के नाम और ब्रांड का भी उल्लेख किया गया है।


मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा जारी निविदा सूचना के अनुसार घी की 15 किलोग्राम की 80 टीन/जार खरीदी जानी है। इसके लिए सांची, अमूल, गोवर्धन और अनिक जैसे ब्रांड निर्धारित किए गए हैं। घी की अनुमानित लागत करीब 5.60 लाख रुपये रखी गई है, जबकि इसके लिए 28 हजार रुपये धरोहर राशि निर्धारित है। समिति ने स्पष्ट किया है कि घी पूजा एवं खाने योग्य होना चाहिए तथा प्रत्येक लॉट के साथ FSSAI मार्क और लैब रिपोर्ट उपलब्ध कराना आवश्यक होगा।
इसी तरह 15 किलोग्राम के 80 टीन/जार तेल की खरीदी प्रस्तावित है। इसमें फॉर्च्यून, रुचि सोया, महाकोश और सोयाबीन तेल सहित निर्धारित ब्रांडों की सामग्री ली जाएगी। तेल के लिए अनुमानित लागत 2 लाख रुपये तथा धरोहर राशि 10 हजार रुपये रखी गई है। तेल के प्रत्येक लॉट के साथ भी FSSAI मार्क और लैब रिपोर्ट मांगी गई है।
टेंट, प्रसाद सामग्री और मंदिर की साज-सज्जा पर भी खर्च
नवरात्रि पर्व के दौरान मंदिर परिसर में टेंट एवं लाइट डेकोरेशन की व्यवस्था के लिए करीब 80 हजार रुपये की अनुमानित लागत तय की गई है। इसके अलावा प्रसाद भोग और भंडारा प्रसाद के लिए सूजी, शक्कर, आटा, साबूदाना, बेसन, मिर्च, हल्दी, धनिया पाउडर सहित अन्य किराना सामग्री की खरीदी की जाएगी। इसके लिए भी करीब 80 हजार रुपये का अनुमान है। समिति ने इस सामग्री में निर्धारित कंपनियों के उत्पादों को प्राथमिकता देते हुए FSSAI मानकों का पालन अनिवार्य किया है।
मंदिर में नवरात्रि के दौरान होने वाले आयोजनों के लिए पोटाई, पेंट, इमल्शन, डिसटेंपर तथा हार्डवेयर सामग्री की व्यवस्था पर भी करीब 80 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं जवारे कलश ज्योति कलश की रसीद छपाई, परिचय पत्र, बैनर एवं अन्य प्रिंटिंग सामग्री के लिए 20 हजार रुपये तथा दोना-पत्तल और लकड़ी की चम्मच के लिए 40 हजार रुपये की अनुमानित लागत रखी गई है।
इसके अतिरिक्त मंदिर में पूर्व में खरीदे गए तेल और घी के 150-150 खाली डिब्बों की नीलामी भी की जानी है।
21 सितंबर तक जमा होगी निविदा
मंदिर प्रबंधन समिति ने बताया कि इच्छुक निविदाकार निर्धारित सामग्री, दर और कंपनी के नाम का स्पष्ट उल्लेख करते हुए अपनी निविदा 21 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे तक मां बिरासिनी देवी मंदिर कार्यालय, पाली में जमा कर सकते हैं। निर्धारित समय के बाद प्राप्त निविदाओं पर विचार नहीं किया जाएगा।
प्रत्येक निविदा के साथ निर्धारित धरोहर राशि नगद अथवा डिमांड ड्राफ्ट/चेक के माध्यम से मां बिरासिनी देवी मंदिर संचालन समिति पाली के नाम देय करना अनिवार्य होगा। धरोहर राशि के बिना निविदा मान्य नहीं मानी जाएगी।
प्राप्त निविदाएं 21 सितंबर को शाम 4:30 बजे मंदिर कार्यालय में खोली जाएंगी। इस दौरान निविदाकार उपस्थित रह सकते हैं। समिति ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवश्यकता पड़ने पर सामग्री की मात्रा बढ़ाई जा सकती है और निविदाकार को सामग्री मंदिर कार्यालय तक पहुंचाकर देनी होगी।
सामग्री की गुणवत्ता और निविदा में निर्धारित शर्तों के अनुरूप आपूर्ति की जांच समिति द्वारा कराई जाएगी। सामग्री मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर संबंधित निविदाकार के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। निविदा प्रक्रिया में अंतिम निर्णय मां बिरासिनी देवी मंदिर प्रबंधन समिति का होगा।