मां बिरासिनी देवी मंदिर प्रबंधन समिति ने मंदिर परिसर में लंबे समय से बंद पड़ी एक दुकान को किराये पर देने के लिए नीलामी की सूचना जारी की है। खास बात यह है कि दुकान हासिल करने की दौड़ में शामिल होने वाले इच्छुक निविदाकारों को पहले से ही ₹91,500 की बकाया किराया राशि जमा करनी होगी। यह राशि जमा करने के बाद ही दुकान के लिए आगे की बोली प्रक्रिया में शामिल हुआ जा सकेगा।

मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा 11 सितंबर 2026 को जारी सूचना के अनुसार, गेट क्रमांक-01 के रास्ते में टीन शेड के नीचे निर्मित दुकान पूर्व में सुनील शिवहरे के नाम पर आवंटित थी। समिति के मुताबिक यह दुकान करीब चार वर्षों से बंद है और इसका ₹91,500 किराया बकाया है।
बकाया राशि वापस नहीं होगी
नीलामी की शर्तों में स्पष्ट किया गया है कि पूर्व का बकाया ₹91,500 जमा करना अनिवार्य होगा और यह राशि भविष्य में किसी भी स्थिति में वापस नहीं की जाएगी। इसके अलावा निविदाकार को अपनी क्षमता के अनुसार धरोहर राशि बतानी होगी। सबसे अधिक धरोहर राशि जमा करने के लिए तैयार निविदाकार को दुकान किराये पर दिए जाने का प्रस्ताव है।
धरोहर राशि दुकान खाली करने अथवा समिति द्वारा दुकान वापस लिए जाने पर बिना ब्याज के मूलधन के रूप में वापस की जाएगी। यानी दुकान पाने वाले को शुरुआत में बकाया किराये के साथ अतिरिक्त धरोहर राशि भी जमा करनी होगी।
एक महीने के नोटिस पर दुकान वापस ले सकेगी समिति
नीलामी की शर्तों में मंदिर प्रबंधन समिति ने अपने अधिकार भी सुरक्षित रखे हैं। समिति एक माह का नोटिस देकर दुकान कभी भी वापस लेकर किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर दे सकती है। किरायेदार को समिति द्वारा समय-समय पर निर्धारित किराया जमा करना होगा और सभी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। किराया या शर्तों का पालन नहीं करने पर दुकान वापस ली जा सकती है।
निविदाकार को निविदा की राशि एकमुश्त तीन दिनों के भीतर जमा करनी होगी। इच्छुक व्यक्ति 21 सितंबर 2026 शाम 4 बजे तक अपनी निविदा मंदिर प्रबंधन समिति कार्यालय, पाली में जमा कर सकते हैं। निविदाएं उसी दिन शाम 5 बजे खोली जाएंगी।
मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर निविदा स्वतः समाप्त मानी जाएगी और अंतिम निर्णय मां बिरासिनी देवी मंदिर प्रबंधन समिति का होगा।