मोरवा टीआई ट्रांसफर विवाद,‘अचानक हटाए गए’ कपूर त्रिपाठी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, सोमवार को होगी अहम सुनवाई
एमपी के सिंगरौली जिले के मोरवा थाना प्रभारी रहे निरीक्षक कपूर त्रिपाठी का अचानक हुआ ट्रांसफर अब बड़ा प्रशासनिक और कानूनी विवाद बन गया है। महज ढाई महीने के कार्यकाल के बाद पुलिस मुख्यालय द्वारा उन्हें भोपाल स्थित भौंरी पुलिस अकादमी भेजे जाने के आदेश जारी किए गए थे, जिसके खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर स्टे की मांग की है। इस मामले की सुनवाई सोमवार को प्रस्तावित है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, कपूर त्रिपाठी ने अपने छोटे कार्यकाल में मोरवा क्षेत्र में कई सख्त कार्रवाई की थीं। अवैध कारोबार, खासकर कोयला और अन्य अवैध गतिविधियों पर उनकी कार्रवाई से कुछ स्थानीय प्रभावशाली तत्व नाराज बताए जा रहे हैं। इसी बीच उनके अचानक ट्रांसफर को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं कि यह फैसला सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं बल्कि दबाव में लिया गया कदम हो सकता है।
इस मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब यह बात सामने आई कि कुछ समय पहले त्रिपाठी पर स्थानीय स्तर पर विरोध और दबाव की स्थिति भी बनी थी। सूत्रों के अनुसार, अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के चलते उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से “टारगेट” किया गया और उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश हुई। हालांकि आधिकारिक तौर पर किसी हमले की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम को उनके ट्रांसफर से जोड़कर देखा जा रहा है।
वही कई मीडिया रिपोर्ट्स में भी यह उल्लेख किया गया है कि इतनी कम अवधि में किसी थाना प्रभारी का ट्रांसफर असामान्य है, खासकर तब जब उनके खिलाफ कोई स्पष्ट शिकायत या विभागीय कार्रवाई सामने नहीं आई हो। यही वजह है कि त्रिपाठी ने न्यायालय का रुख किया है।
जहा लगातार छुट्टियों के चलते सुनवाई में देरी होने से मामला और पेचीदा हो गया है। अब सोमवार को होने वाली सुनवाई में यदि कोर्ट से राहत मिलती है, तो कपूर त्रिपाठी की मोरवा टीआई के पद पर वापसी संभव हो सकती है। फिलहाल, यह मामला प्रशासनिक पारदर्शिता और पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

