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अभिभावको ने गहरी चिंता व्यक्ति किया कि जब विद्यालय में टीचर नहीं तो बच्चे कैसे पढ़ेंगे।

Manoj Shukla

By Manoj Shukla

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अभिभावको ने गहरी चिंता व्यक्ति किया कि जब विद्यालय में टीचर नहीं तो बच्चे कैसे पढ़ेंगे।

जहां एक तरफ सरकार शिक्षा के क्षेत्र में दिन प्रतिदिन नए नियम एवं अच्छी शिक्षा व्यवस्था की हवाला देती है वहीं दूसरी तरफ सीधी जिले के विकासखंड रामपुर नैकिन की हाई स्कूल चोरगड़ी की प्राथमिक पाठशाला में 54 बच्चे हैं रजिस्टर में दो शिक्षक हैं।

1 मोहम्मद अनवर 2. कल्पना उपाध्याय लेकिन यहां एक ही टीचर आते हैं। जिनकी ड्यूटी BLO एवं साक्षरता सर्वे में लगा दी गई है। जिससे बच्चों को पढ़ने के लिए समय नहीं निकल पाता है। दूसरी टीचर कल्पना उपाध्याय को BO के द्वारा 19-20 में दूसरे विद्यालय में तैनाती की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चे विद्यालय जाते हैं।

लेकिन वहां कोई टीचर नहीं है जो टीचर है उनकी ड्यूटी सरकारी काम में लगा दिए हैं मैडम विद्यालय आती नहीं है जिससे बच्चे की नींव कमजोर होती जा रही है 1 से 5 तक के बच्चों को इकट्ठा बैठा दिया जाता है। अकेले मास्टर क्या-क्या करें इस संदर्भ में प्रचार रामायण प्रसाद त्रिपाठी से पूछा गया तो उनके द्वारा बताया गया कि यह बात तो सही है ऊपर से ही निर्देश है।

उसी का मैं पालन कर रहा हूं शिक्षक की कमी है। मैं कई बार लिखित रूप अपने उच्च अधिकारियों को दे चुका हूं। हमारे विद्यालय तक जाने के लिए सड़क भी नहीं है बरसात में काफी समस्या होती है।

Manoj Shukla

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मै मनोज कुमार शुक्ला 9 सालों से लगातार पत्रकारिता मे सक्रिय हूं, समय पर और सटीक जानकारी उपलब्ध कराना ही मेरी पहली प्राथमिकता है।

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