अमिलिया के बीच बाजार में घड़ियाल की दस्तक से मची दहशत: बीज भंडार में घुसने की कोशिश, घंटों बाद रेस्क्यू; टीम की देरी पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
सिहावल/सीधी। सीधी जिले के सिहावल विकासखंड अंतर्गत अमिलिया मुख्य बाजार में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक घड़ियाल सघन रिहायशी इलाके में पहुंच गया। रात करीब 11 बजे घड़ियाल बाजार क्षेत्र में घूमता हुआ बीज भंडार की एक दुकान तक पहुंचा और अंदर घुसने का प्रयास किया, लेकिन शटर बंद होने के कारण वह दुकान में प्रवेश नहीं कर सका। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों में दहशत फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
स्थानीय समाजसेवी राजू गुप्ता ने तत्काल सोन घड़ियाल अभ्यारण्य की रेस्क्यू टीम को सूचना दी। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद टीम समय पर नहीं पहुंची, जिससे लोगों को करीब एक घंटे तक भय के माहौल में रात गुजारनी पड़ी। हालांकि बाद में अभ्यारण्य की टीम मौके पर पहुंची और घड़ियाल का सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे सोन नदी में छोड़ दिया।
रेस्क्यू अभियान में सोन घड़ियाल अभ्यारण्य के अंजनी शर्मा, शिवेंद्र मिश्रा, रामजीत कोटवार सहित अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम ने सावधानीपूर्वक घड़ियाल को पकड़कर बिना किसी नुकसान के उसके प्राकृतिक आवास सोन नदी में छोड़ दिया।
ग्रामीण सूर्य सिंह ने बताया कि पिछले कई वर्षों से क्षेत्र में घड़ियाल और मगरमच्छ देखे जाते रहे हैं। कई बार वे रिहायशी इलाकों और घरों तक पहुंच जाते हैं, लेकिन सूचना देने के बाद भी प्रशासन और रेस्क्यू टीम समय पर नहीं पहुंचती। इससे लोगों को पूरी रात जागकर अपनी और परिवार की सुरक्षा करनी पड़ती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले करीब एक वर्ष से अमिलिया तालाब में भी एक घड़ियाल रह रहा था। हाल की भारी बारिश के बाद उसके सोन नदी की ओर लौटने की संभावना जताई जा रही है। वहीं ग्रामीणों को आशंका है कि सोन नदी से अन्य घड़ियाल भी तालाब और आबादी वाले क्षेत्र की ओर आ सकते हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी, त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था और सुरक्षा घेराबंदी सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके। साथ ही अभ्यारण्य प्रबंधन की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रेस्क्यू टीम की जवाबदेही तय करने की भी मांग उठाई गई है।

