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अपने जेब की नापतौल के हिसाब से करता है कार्यवाही

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

By राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

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नापतौल विभाग 

अपने जेब की नापतौल के हिसाब से करता है कार्यवाही

सीधी

जिले में नापतौल विभाग की निष्क्रियता से ग्राहकों को कम वजन से ही संतोष करना पड़ता है। शहर सहित गांव की दुकानों में ईंट-पत्थर के बटखरे का भी इस्तेमाल हो रहा है। यहां मापतौल विभाग की उदासीनता से धीरे-धीरे कारोबार में कम नापतौल की समस्या बढ़ती जा रही है।

विभाग की स्थिति का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि यहां महीनों से कई दुकानदारों के बाट तराजू की जांच नहीं हुई। जिससे एक ओर जहां दुकानदारों की चांदी कट रही है वहीं वस्तुओं का कम वजन करने से ग्राहक लुट रहे हैं।

बता दें कि शहर में पेट्रोल पंप, हार्डवेयर, किराना, फल, सब्जी सहित अन्य तरह की वस्तुओं की खरीदी के समय ग्राहकों के हावभाव देखकर दुकानदार बटखरे का चयन करते पेट्रोल पंप पर लेने पहुंचे ग्राहकों कम मात्रा में पेट्रोल या डीजल दिया जाता है। वाहन चालकों को तेल लेते समय जानकारी नहीं मिल पाती मगर वाहनों को सफर में ले जाते समय इसकी कमी की जानकारी प्राप्त होती है और उन्हें परेशानी का सामना भी करना पड़ता है।

सब्जी विक्रेता सबसे ज्यादा करते हैं गड़बड़

शहर के कुछ सब्जी विक्रेता बाट की जगह ईट-पत्थर का इस्तेमाल करते हैं। नाराजगी जताने पर दुकानदार दो टूक में कहते हुए चलता कर देता है कि जहां सही तौल मिले वहीं जाकर सब्जी ले लो। सबसे ज्यादा परेशानी सब्जी वालों को लेकर होती है। कभी सही वजन नहीं देते। मीट-मछली विक्रेताओं के यहां भी गड़बड़झाला है। एक तो महंगाई ऊपर से चीजों के वजन में कमी से काफी नुकसान होता है।

डब्बों को भी मिठाई के रेट पर किया जाता है वजन

मिठाई के साथ डिब्बे या किसी थैले का वजन नहीं तौला जाना चाहिए फिर भी शहर के चाय नास्ता के होटलों में यह सब खुलेआम चल रहा है। यदि यह हालत शहर का है तो गांव में क्या स्थिति होगी समझा जा सकता है। वैसे तो विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कैंप लगाकर कांटा-बाट का सत्यापन करते हैं। गड़बड़ी पाए जाने पर कार्रवाई भी होती है, मगर वास्तव में यह धरातल पर कहीं दिखती नहीं। जिसकी वजह से दुकानदार कम तौल करके खुले आम ग्राहकों को लूटने में नापतौल विभाग का काम कि वह वस्तुओं के तौल मे इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों की नियमित रूप से जांच करे।

कम वजन देने वाले दुकानदारों पर मामला दर्ज कर कार्रवाई करना व ग्राहकों को सही वजन व मात्रा मिले, ये जिम्मेदारी नापतौल विभाग की है। लोहे के बाट व इलेक्ट्रॉनिक मशीन की नियमित जांच और लाइसेंस का नवीनीकरण जरूरी है।

सीधी जिले के सक्रिय कलेक्टर विकास मिश्रा से लोगों ने अपील की है कि मापतौल विभाग की लापरवाही पर अंकुश लगाते हुए शहर के दुकानदारों के किलोवाट और मापताल यंत्रों की जांच का अभियान चलाया जाए।

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता ।। State Head @NewsE7Live

राजू गुप्ता मध्य प्रदेश के सीधी जिले के एक सक्रिय और ज़मीनी पत्रकार हैं। वे लंबे समय से स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों पर तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते आ रहे हैं।

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