अवैध रेत पर प्रशासन का शिकंजा, 120 घन मीटर जब्त,5 और ठिकाने रडार पर
सिंगरौली, मध्य प्रदेश।
जिले में अवैध रेत खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में रेत जब्त की है। बैढ़न कोतवाली क्षेत्र के शासकीय इलाके में खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर करीब 120 घन मीटर अवैध रेत कब्जे में ली।
सूत्रों के अनुसार, 27 और 28 अप्रैल को इस मुद्दे पर लगातार सामने आई खबरों के बाद प्रशासन हरकत में आया। टीम ने शासकीय भूमि के साथ-साथ कुछ निजी परिसरों के आसपास जमा अवैध रेत पर कार्रवाई की। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय रेत कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
हालांकि, फिलहाल कार्रवाई एक ही स्थान तक सीमित रही। बताया जा रहा है कि हाइवा और लोडर की पर्याप्त उपलब्धता न होने के कारण अन्य चिन्हित स्थानों पर कार्रवाई नहीं हो सकी। जिले में करीब पांच और स्थानों पर अवैध रेत भंडारण की पहचान की गई है, जहां जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने राजनीतिक संरक्षण के आरोपों को भी हवा दी है। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कुछ लोग “जनसेवा” की आड़ में अवैध रेत कारोबार चला रहे हैं और उन्हें प्रभावशाली व्यक्तियों का संरक्षण प्राप्त है। विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कुछ लोगों पर भी प्रभाव का दुरुपयोग कर अवैध गतिविधियों को बढ़ावा देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
हालिया कार्रवाई से प्रशासन की सक्रियता तो सामने आई है, लेकिन सवाल भी उठे हैं कि लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार पर पहले प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई। क्या यह केवल शिकायतों और मीडिया रिपोर्ट्स के बाद ही संभव हुआ, या निगरानी में कहीं चूक रही?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध रेत खनन और भंडारण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।

