बिजली की आंख-मिचौली पर जनपद अध्यक्ष श्यामवती सिंह का हमला, आंदोलन की चेतावनी
सीधी जिले के आदिवासी अंचल कुसमी क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती, लो-वोल्टेज और बार-बार आने वाले फॉल्ट को लेकर जनपद पंचायत कुसमी की अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेत्री श्यामवती सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने फेसबुक पोस्ट जारी कर चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जनपद क्षेत्र की जनता के साथ आंदोलन किया जाएगा।
श्यामवती सिंह ने कहा कि कुसमी जनपद पंचायत की 42 ग्राम पंचायतों के लोग लंबे समय से बिजली संकट झेल रहे हैं। कई गांवों में वर्षों पुराने ट्रांसफार्मर लगे होने के कारण लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या बनी हुई है, जबकि कई गांवों के ट्रांसफार्मर जलने के बाद भी अब तक बदले नहीं गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुसमी–पौड़ी फीडर में आए दिन फॉल्ट आने से करीब एक दर्जन गांवों में अक्सर घंटों तक अंधेरा छाया रहता है। इससे ग्रामीणों की दैनिक दिनचर्या, किसानों का कार्य और विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
जनपद अध्यक्ष ने यह भी कहा कि बिजली विभाग में कर्मचारियों की तैनाती और कार्य व्यवस्था ठीक नहीं है। कई कर्मचारी जहां पदस्थ हैं, वहां कार्य नहीं कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। साथ ही आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के बावजूद पर्याप्त मशीनरी और संसाधनों की उपलब्धता नहीं होने से फॉल्ट सुधार कार्य में भी अनावश्यक देरी हो रही है।
उन्होंने विभाग पर आरोप लगाया कि मेंटेनेंस के नाम पर घंटों बिजली बंद रखी जाती है, लेकिन उसके बाद भी लगातार फॉल्ट सामने आ रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि रखरखाव कार्य में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है। उन्होंने जिला स्तर के अधिकारियों पर भी प्रभावी निगरानी नहीं रखने का आरोप लगाया।
श्यामवती सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही विद्युत व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया और जनता को राहत नहीं मिली तो कुसमी जनपद की 42 पंचायतों के लोगों के साथ उनके नेतृत्व में आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग की होगी।

