बड़ी खबर :रिवाल्वर के दम पर जप्त टीपर छुड़ाया,सोनघड़ियाल अभयारण्य में खनन माफिया की दबंगई, थाना गेट तोड़कर फरार
एमपी के सिंगरौली जिले में अवैध खनन से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां वन विभाग की कार्रवाई को हथियार के बल पर चुनौती देते हुए आरोपियों ने जप्त वाहन को थाना परिसर से ही छुड़ा लिया। घटना ने कानून-व्यवस्था और शासकीय कर्मचारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वही मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग के बीट गार्ड शुभम सिंह चौहान (33) ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि 21 फरवरी 2026 की रात लगभग 12:30 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि सोन नदी के पनवार घाट से अवैध रेता लोड कर एक नीले रंग का टीपर वाहन (क्र. यूपी 64 टी 0381) कुसहनिया मार्ग से सुदा की ओर जा रहा है। सूचना की तस्दीक करते हुए वन टीम मौके पर पहुंची और वाहन को लगभग 08 घन मीटर अवैध रेता के साथ पकड़ा।
जहा वनरक्षक के अनुसार, समक्ष गवाह लक्ष्मण पनिका (सुरक्षा श्रमिक) और चालक योगेन्द्र प्रताप सिंह की मौजूदगी में वाहन को ग्राम कुसहनिया से जप्त कर जप्ती पत्रक तैयार किया गया। इसके बाद वाहन को विधिवत थाना ले जाया जा रहा था। आरोप है कि सूर्यांश सिंह एवं उसके सहयोगियों ने सोनघड़ियाल अभयारण्य, चितरंगी क्षेत्र में दबंगई दिखाते हुए रिवाल्वर (अग्नेयास्त्र) के बल पर रोक लिया।
जहा आवेदन में उल्लेख है कि आरोपियों ने थाना परिसर के गेट को तोड़ते हुए जबरन प्रवेश किया, शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की, मारपीट, गाली-गलौज और छिनाझपटी करते हुए जप्त टीपर वाहन को छुड़ाकर फरार हो गए। वन विभाग ने इस घटना को गंभीर आपराधिक कृत्य बताते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
वही यह पूरी घटना चितरंगी और जिआवन थाना क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है। मामले ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के समक्ष बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्य में इस प्रकार की बाधा और हथियार का इस्तेमाल कानून के प्रति खुली अवहेलना है।
जहा पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर जांच शुरू कर दी है। आरोपियों की तलाश के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश की तैयारी की जा रही है। वहीं, घटना के बाद वन अमले में भय और आक्रोश का माहौल है।

