बंगाल की अस्मिता के लिए पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जनादेश: रीता
पश्चिम बंगाल विधानसभा – नार्थ 24 परगना की चुनाव सह-प्रभारी ने जताया आभार
सीधी
आज पश्चिम बंगाल के जन-जन ने भय और भ्रष्टाचार की राजनीति को तिलांजलि देकर विकास और सुशासन के एक नए युग का सूत्रपात किया है। यह प्रचंड जीत केवल भारतीय जनता पार्टी की नहीं, बल्कि बंगाल की अस्मिता, संस्कृति और यहाँ के सात करोड़ नागरिकों की आकांक्षाओं की सामूहिक विजय है। ये जनादेश स्पष्ट करता है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज को न तो दबाया जा सकता है और न ही डराया जा सकता है।
उक्त बातें आज पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद जारी अपने एक बयान में पश्चिम बंगाल विधानसभा – नार्थ 24 परगना की चुनाव सह-प्रभारी श्रीमती रीता सोनी नें कही हैं।
श्रीमती सोनी ने कहा कि एक प्रभारी के रूप में, मैं इस विजय का श्रेय जीत के सूत्रधार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व और अटूट विश्वास ने बंगाल में परिवर्तन की लहर पैदा की। राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री नितिन नवीन जी जिनके सांगठनिक कौशल ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा फूँकी। गृह मंत्री श्री अमित शाह जी जिनकी रणनीतिक कुशलता ने अभेद्य दुर्ग को फतह किया। सुनील बंसल जी एवं भूपेंद्र यादव जी जिनके मार्गदर्शन में चुनाव प्रबंधन को नई ऊँचाइयां मिलीं। ये जीत उन सभी कार्यकर्ताओं के त्याग और बलिदान को एक विनम्र श्रद्धांजलि है जिन्होंने एक समृद्ध बंगाल का सपना देखा था।
श्रीमती सोनी कहा कि मैं विशेष रूप से पिछड़ा वर्ग मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री के. लक्ष्मण जी का हृदय से धन्यवाद करतीं हूँ, जिन्होंने मुझ जैसे छोटे कार्यकर्ता पर विश्वास कर इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी
प्रभार के 30 में से 28 विधानसभा में भाजपा को मिली जीत पर आभार
नार्थ 24 परगना की चुनाव सह-प्रभारी रही रीता सोनी ने कहा कि मुझे भारतीय जनता पार्टी द्वारा 30 विधानसभा क्षेत्रों में सह-प्रभारी के रूप में जो महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी, इन 30 में से 28 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने अपना परचम लहराया। उसके लिए मैं पार्टी नेतृत्व का हृदय से आभार व्यक्त करतीं हूँ।
उन्होंने अंत में कहा कि हमारा संकल्प अब केवल सरकार चलाना नहीं, बल्कि बंगाल की खोई हुई गरिमा को पुनः स्थापित करना है। हम ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ एक ऐसे ‘सोनार बांग्ला’ का निर्माण करेंगे जहाँ युवाओं के पास रोजगार के अवसर हों, माताएं-बहनें पूरी तरह सुरक्षित महसूस करें और किसानों के जीवन में खुशहाली आए।

