छुहिया घाटी में हाथियों की दस्तक, वन विभाग ने लगाया जाम, सुबह तक रुका रहा यातायात, कई गांवों की फसलें पहले ही हो चुकी हैं तबाह
रीवा – सीधी बॉर्डर के पास स्थित छुहिया घाटी में सोमवार तड़के वन विभाग को एहतियातन बड़ा कदम उठाना पड़ा। लगातार बढ़ रहे हाथियों के मूवमेंट को देखते हुए विभाग के कर्मचारियों ने घाटी में जाम लगाकर वाहनों की आवाजाही रोक दी, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को कुछ समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब 4 बजे हाथियों का झुंड छुहिया घाटी के पास पहुंच गया था। यह इलाका रीवा और सीधी जिलों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां सुबह से ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है। हाथियों के सुरक्षित निकलने और आम लोगों को किसी भी संभावित खतरे से बचाने के लिए वन विभाग ने तत्काल रास्ता बंद कर दिया और वाहनों को आगे बढ़ने से रोक दिया।
अब वन विभाग के अनुसार हाथियों का मूवमेंट इसी मार्ग से होकर आगे बढ़ रहा है और उनके सुबह करीब 10 बजे तक क्षेत्र से निकलने की संभावना जताई गई है। जब तक हाथियों का झुंड सुरक्षित रूप से आगे नहीं बढ़ जाता, तब तक इस मार्ग पर यातायात रोके रखने की व्यवस्था की गई है।
वही डिप्टी रेंजर राजनेश सिंह ने बताया कि हाथियों का झुंड अब बघवार क्षेत्र तक पहुंच चुका है और इसके बाद मझिगवां होते हुए मैहर और सतना जिले की सीमा की ओर बढ़ने की संभावना है। वन विभाग की टीम लगातार हाथियों की निगरानी कर रही है और उनके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए है।
जहा यह बताया जा रहा है कि पिछले करीब 20 दिनों से हाथियों का झुंड सीधी जिले की सीमा के आसपास बना हुआ है। इस दौरान कई गांवों में हाथियों ने खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान भी पहुंचाया है। वन विभाग द्वारा ऐसे करीब सात से आठ गांवों का सर्वे कराया गया है, जहां फसलों की क्षति हुई है। प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और इसके लिए पत्र जारी किए जा चुके हैं।
जहा हाथियों की निगरानी के लिए वन विभाग के कई कर्मचारी लगातार मौके पर तैनात हैं। इसके साथ ही स्थानीय लोगों, चौकीदारों और पुलिसकर्मियों की भी मदद ली जा रही है ताकि किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो और हाथियों का झुंड सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सके।

