सीधी में स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल CMHO डॉ. बबीता खरे और BMO डॉ. बिकट सिंह की अगुवाई में हुई व्यापक समीक्षा बैठक
मध्यप्रदेश के सीधी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और जनता की अपेक्षाओं के बीच स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने, सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने और आम जनता को समय पर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण और व्यापक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक ने न केवल प्रशासनिक सक्रियता का संदेश दिया, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि अब स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता जिले की मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बबीता खरे द्वारा की गई, जबकि संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर कार्यरत खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. बिकट सिंह ने किया। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे यह साफ जाहिर हुआ कि विभाग इस बार सुधार के लिए गंभीर है।
बैठक का उद्देश्य: सिर्फ समीक्षा नहीं, बल्कि सुधार की ठोस रणनीति
इस बैठक का मूल उद्देश्य केवल योजनाओं की समीक्षा करना नहीं था, बल्कि जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति को समझना और उसमें सुधार के लिए ठोस रणनीति बनाना था। पिछले कुछ समय से यह शिकायतें मिल रही थीं कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अपेक्षानुसार नहीं मिल पा रही हैं, मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा, और कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं।
इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह बैठक बुलाई गई, जिसमें हर स्तर के कर्मचारी से खुलकर चर्चा की गई। सीएमएचओ डॉ. बबीता खरे ने स्पष्ट शब्दों में कहा—
“स्वास्थ्य सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाएं, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।”
BMO डॉ. बिकट सिंह का स्पष्ट संदेश: जनता की सेवा ही प्राथमिकता
बैठक के दौरान डॉ. बिकट सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि उन्होंने जब से BMO का पदभार संभाला है, तब से उनकी पहली और अंतिम प्राथमिकता जनता की सेवा रही है।
उन्होंने कहा की “पिछले एक माह से हम लगातार प्रयास कर रहे हैं कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। हमारा लक्ष्य है कि हर व्यक्ति को समय पर और सही इलाज मिले। अगर कहीं कोई कमी है, तो उसे तुरंत दूर किया जाएगा।”
उनका यह बयान न केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी को दर्शाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अब स्वास्थ्य विभाग में कार्यशैली बदल रही है।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी और स्टाफ
इस बैठक में स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से:
डॉ. राज बहादुर सिंह
डॉ. सुप्रिया सिंह
डॉ सृष्टि कुशवाहा
डॉ शुभम मिश्रा
डॉ ललित गहलोत
CHO नम्रता सेन
ANM प्रियंका सिंह
MPW सुंदर सिंह
आशा सुपरवाइजर रनिया साहू
सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इन सभी कर्मचारियों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि विभाग अब टीम वर्क के साथ आगे बढ़ने की योजना बना रहा है।
स्वास्थ्य योजनाओं की गहन समीक्षा
बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
1. टीकाकरण अभियान
बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए चलाए जा रहे टीकाकरण कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा की गई। निर्देश दिए गए कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
2. HPV वैक्सीनेशन
किशोरियों में सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए HPV वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
3. एनीमिया नियंत्रण अभियान
महिलाओं और बच्चों में बढ़ते एनीमिया के मामलों को देखते हुए आयरन सप्लीमेंट और जागरूकता अभियान को तेज करने के निर्देश दिए गए।
4. HB जांच
ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित HB जांच सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया।
5. राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम (RKSK)
किशोरों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश दिए गए।
6. ANC (गर्भवती महिलाओं की जांच)
गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
CMHO के सख्त निर्देश: लापरवाही बर्दाश्त नहीं
डॉ. बबीता खरे ने बैठक में स्पष्ट रूप से कहा कि:
मरीजों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं होना चाहिए
समय पर इलाज देना हर कर्मचारी की जिम्मेदारी है
अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई होगी
योजनाओं का सही क्रियान्वयन अनिवार्य है
उन्होंने यह भी कहा कि अब नियमित निरीक्षण किया जाएगा और हर कर्मचारी की कार्यप्रणाली पर नजर रखी जाएगी।
ग्रामीण क्षेत्रों पर विशेष फोकस
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं अभी भी कमजोर हैं। कई जगहों पर डॉक्टरों की कमी, दवाओं की अनुपलब्धता और जागरूकता की कमी देखी गई है।
इसको ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया कि:
गांव-गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे
आशा और एएनएम कार्यकर्ताओं को अधिक सक्रिय किया जाएगा
मरीजों को घर-घर जाकर सेवाएं दी जाएंगी
आशा और ANM की भूमिका पर जोर
बैठक में आशा कार्यकर्ताओं और ANM की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया। उन्हें निर्देश दिए गए कि वे:
गर्भवती महिलाओं की नियमित निगरानी करें
बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करें
बीमार व्यक्तियों को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए नई रणनीति
बैठक के दौरान एक नई कार्ययोजना भी तैयार की गई, जिसमें शामिल है:
हर सप्ताह प्रगति रिपोर्ट
मासिक समीक्षा बैठक
फील्ड विजिट बढ़ाना
शिकायतों का त्वरित समाधान
जनता से भी सहयोग की अपील
सीएमएचओ ने जनता से भी अपील की कि वे स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें और किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत विभाग को दें।

