दिन में धंधा, रात में रफ्तार! सीधी जिले के सिहावल क्षेत्र में रेत माफिया बेलगाम
राजबहोर केवट सिंहावल सीधी
सिंहावल। सीधी जिले के सिहावल क्षेत्र में सोन नदी के घाटों पर अवैध रेत उत्खनन का खेल बेखौफ जारी है। हालात ऐसे हैं कि दिन के उजाले से लेकर देर रात तक मोटरसाइकिलों से रेत की निकासी और परिवहन खुलेआम हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठे नजर आ रहे हैं।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक रेत ढोने के लिए जिन बाइक चालकों का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनमें अधिकतर नाबालिग बच्चे शामिल हैं। तेज रफ्तार से दौड़ती मोटरसाइकिलें गांवों और बस्तियों से गुजरती हैं, जिससे छोटे बच्चों और राहगीरों की जान पर खतरा मंडराता रहता है।
लोगों का कहना है कि इनकी रफ्तार देखकर कोई भी दहल जाए। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर नाबालिगों से इस तरह जोखिम भरा काम कौन और किसके संरक्षण में करा रहा है?

इधर चर्चा यह भी है कि सोन घड़ियाल से जुड़े कुछ चौकीदारों द्वारा 300 रुपए प्रति मोटरसाइकिल वसूली की जा रही है।
आरोप तो यहां तक हैं कि कुछ लोग खुद को विभाग का जिम्मेदार बताकर कहते हैं“आप काम करो, आगे मैं देख लूंगा।” यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह संरक्षण में चल रहे अवैध कारोबार की गंभीर कड़ी साबित हो सकती है।
रामनगर क्षेत्र में हाल ही में मगर/घड़ियाल की मृत्यु की सूचना सामने आई है, जिससे वन्यजीव संरक्षण पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। इसके बावजूद लिलवार, सलेही, पमरिया, रामपुर, गेरुआ, बघोर सहित कई घाटों से रेत की निकासी लगातार जारी है। नदी की धारा और पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके दुष्परिणाम को लेकर स्थानीय लोग चिंता जता रहे हैं।

पर्यावरण और कानून दोनों को चुनौती देता यह अवैध उत्खनन अब बड़ा मुद्दा बन चुका है। प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है, लेकिन अब तक ठोस कदम नजर नहीं आ रहे।
इसी कड़ी में लिलवार क्षेत्र में बड़े रेत माफियाओं की सक्रियता की भी चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय सूत्रों का दावा है कि पूरा नेटवर्क संगठित तरीके से काम कर रहा है। जल्द ही लिलवार क्षेत्र के बड़े रेत माफियाओं के नाम के साथ पूरी जानकारी साझा करेंगे तब तक के लिए बने रहे हमारे साथ..!

