शिक्षा

Emergency of India: देश में किस परिस्थिति में आपातकाल लगता है 1975 से जुड़ी हुई कुछ महत्वपूर्ण बातें

भारत में किन-किन परिस्थितियों में आपातकाल लागू किया गया था जाने

आपातकाल लगाने का फैसला कोई आम फैसला नहीं होता है इसके लिए काफी सोच विचार की जाती है ऐसा नहीं की कुछ बिना सोचे समझे आपातकाल लगा दिया जाता है  अर्थव्यवस्था और यहां की शांति से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण बातें होती है लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखकर ऐसी कोई निर्णय को लिया जाता है यह देश के सबसे बड़े निर्णय में से एक होता है आपातकाल लगाना कोई छोटी बातें यह नहीं होती है यह आपातकाल की स्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण बातों में लगाई जाती है

आपातकाल को मुख्यता तीन ही स्थितियों पर लगाया जा सकता है भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल घोषित करना या इसका उल्लेख किया गया है

भारत के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन काली स्याही के रूप में लिखा गया है जहां देश के लोकतंत्र की हत्या कर दी गई थी और एक प्रधानमंत्री के द्वारा अपनी सारी ताकतों को आजमाने की जीत की वजह से आपातकाल का मुकद्दर खुला इंदिरा गांधी ने सबसे पहले 1975 में देश में आपातकाल की स्थिति उत्पन्न की थी और आपातकाल लगाया था लेकिन वास्तव में यह सारा खेल संजय गांधी का रचाया हुआ था भारत में आपातकाल लगा कोई आम बात नहीं होती है एक गंभीर मुद्दा होता है जिसे भारत के इतिहास में काली शाही के तौर पर देखा जा सकता है इस दौरान लोगों ने मौलिक अधिकारों का निलंबन तक किया गया

भारत में जिस भी परिस्थिति में आपातकाल लगाया गया था वह स्थिति सामान्य नहीं थी इसका लेख खुले एवं परिस्थितियों पर प्रकाश डालता है जो की एक आपातकाल लगाने के लिए जरूरी होता है भारतीय संविधान के अनुच्छेद 352 के तहत राष्ट्रीय आपातकाल घोषित तभी किया जा सकता है यदि भारत में उसके क्षेत्र के किसी भी हिस्से की सुरक्षा को युद्ध बाहरी आत्मा या शस्त्र विद्रोह से खतरा हो राष्ट्रपति के मंत्री परिषद से लिखित अनुशंसा प्राप्त होने पर ही राष्ट्रीय आपातकाल लगाया जा सकता है

 

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत राज्य आपातकाल से राष्ट्रपति शासन भी कहा जाता है तब लगाया जाता है जब राष्ट्रपति संतुष्ट होकर किसी विशेष राज्य की संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कार्य नहीं किया जा रहा है या राज्य आपातकाल लगाने के कारण संवैधानिक मशीनरी का टूटना कानून की व्यवस्था की सफलता यह किसी राज्य की राजनीतिक  अव्यवस्था शामिलहै

 

आपातकाल भारत संविधान के अनुच्छेद 360 में उल्लेखित है यह तभी घोषित किया जाता है जब भारत की वित्तीय स्थिति है या साख को खतरा हो यह प्रावधान राष्ट्रपति के मंत्री परिषद के द्वारा लिखित सिफारिश प्राप्त होने पर ही व्यक्ति आपातकाल घोषित किया जाता है

भारत में अभी तक तीन आपातकाल लगाए गए हैं तीनों ही आपातकालों की स्थिति में 1975 में लगाए आपातकाल की स्थिति सबसे देनी थी यहां पर एक प्रधानमंत्री के द्वारा अपनी संप्रभुता और शक्ति प्रदर्शन के लिए किया गया था

Breaking Sidhi news: सीधी के राजा रंक की कहानी एक की चमकी किस्मत दूसरे की डोली विरासत

Editor

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

यह भी पढ़ें

Back to top button
E7Live TV

Adblock Detected

Please consider supporting us by disabling your ad blocker