सीधी के छत्रसाल स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर उमड़ा जनसैलाब, शशांक आसन बना आकर्षण का केंद्र; तनाव, पीठ दर्द और पाचन समस्याओं से राहत के बताए गए प्रभावी उपाय
सीधी के छत्रसाल स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया, शशांक आसन के लाभों से कराया गया अवगत
सीधी। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार सुबह सीधी जिले के छत्रसाल स्टेडियम में भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 9 बजे से 11 बजे तक चले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों और नागरिकों ने सामूहिक योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में सीधी विधायक रीति पाठक, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा, कलेक्टर विकास मिश्रा, एसडीएम सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान योग शिक्षक रामनाथ ने विभिन्न योगासनों का अभ्यास कराया। विशेष रूप से शशांक आसन के महत्व और उसके स्वास्थ्य लाभों की विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि शशांक आसन मन और शरीर दोनों को शांति प्रदान करने वाला अत्यंत प्रभावी योगासन है। यह मानसिक तनाव, चिंता और थकान को कम करने में मदद करता है तथा तंत्रिका तंत्र को संतुलित करता है। नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र मजबूत होता है, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में राहत मिलती है। साथ ही कमर, पीठ और कंधों के दर्द को कम करने में भी यह लाभकारी माना जाता है।
योग शिक्षक ने बताया कि शशांक आसन करने की विधि बेहद सरल है। सबसे पहले वज्रासन में बैठें। दोनों हाथों को ऊपर उठाकर गहरी सांस लें। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे शरीर को आगे की ओर झुकाएं और माथे को जमीन से लगाने का प्रयास करें। दोनों हाथ सामने की ओर सीधे रखें या शरीर के साथ पीछे रखें। सामान्य गति से सांस लेते हुए 20 से 60 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें। फिर धीरे-धीरे वापस प्रारंभिक अवस्था में आ जाएं। इस आसन को 3 से 5 बार किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी बताया कि जिन लोगों को घुटनों में गंभीर दर्द, हाल ही में रीढ़ की हड्डी में चोट, चक्कर आने की समस्या या उच्च स्तर की चिकित्सकीय परेशानी हो, वे विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही इस आसन का अभ्यास करें।
विधायक रीति पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग आज पूरी दुनिया में भारत की पहचान बन चुका है। योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की कला है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक योगाभ्यास और स्वस्थ जीवन के संकल्प के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने नियमित योग करने का संकल्प लेते हुए कहा कि योग ही निरोग और स्वस्थ जीवन का सबसे सरल एवं प्रभावी माध्यम है।

